दतिया में बहुचर्चित राजगढ़ चौराहा गैंगवार हत्याकांड में विशेष न्यायालय ने 22 साल बाद बड़ा फैसला सुनाया है। मामले के एक आरोपी और भाजपा नेता मुकेश यादव को विशेष न्यायाधीश राजेश भंडारी ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर
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घटना 24 अप्रैल 2003 की है, जब दतिया के राजगढ़ चौराहे के पास रेंज कार्यालय के समीप गैंगवार हुई थी। इस वारदात में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस मामले ने उस समय पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। अतिरिक्त लोक अभियोजक अरुण कुमार लिटौरिया ने बताया कि फरियादी राघवेंद्र प्रताप सिंह बुंदेला ने कोतवाली दतिया में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
कचहरी से लौटते समय हुई थी वारदात रिपोर्ट के अनुसार, वे अपने भाई सत्येंद्र उर्फ भैयाराजा सहित कई साथियों के साथ कचहरी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान राजगढ़ चौराहे के आगे आरोपी महेश यादव, बलदाऊ यादव, बनवाली काछी, केहरि सिंह यादव, मुकेश यादव, मुन्ना यादव और पांच अज्ञात बदमाश हथियारों से लैस होकर सड़क के दोनों ओर से आए और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग में सत्येंद्र उर्फ भैयाराजा, मोजी तिवारी, राधावल्लभ और धर्मेंद्र की मौत हो गई, जबकि अन्य लोग घायल हो गए।
पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर घायलों का इलाज कराया, शवों के पोस्टमॉर्टम कराए और विवेचना के बाद आरोपियों के खिलाफ चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया। प्रकरण के विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 38 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। अंतिम बहस के बाद निर्णय से पहले आरोपी मुकेश यादव और बलदाऊ यादव फरार हो गए थे।
शेष आरोपियों के खिलाफ 26 दिसंबर 2024 को न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी थी। बाद में आरोपी मुकेश यादव के न्यायालय में उपस्थित होने पर उसके विरुद्ध पृथक से सुनवाई की गई। विशेष न्यायाधीश ने मुकेश यादव को धारा 148, 302/149, 307 और 120-बी भारतीय दंड संहिता के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं 36 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। इस मामले में बलदाऊ यादव अभी भी फरार हैं।