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स्पोर्ट्स डेस्क8 मिनट पहले
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विटोल्ड बांका जनवरी 2020 से WADA के अध्यक्ष है।
वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी (WADA) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक भारत 2024 में लगातार तीसरी बार डोपिंग मामलों में दुनिया में पहले नंबर पर रहा। रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2024 में भारतीय खिलाड़ियों के 260 सैंपल डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए, जो किसी भी देश से सबसे ज्यादा हैं।
यह रिपोर्ट ऐसे समय आई है, जब भारत 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी की तैयारी कर रहा है और 2036 ओलिंपिक की मेजबानी के लिए भी दावेदारी पेश कर चुका है। इसी साल जुलाई में जब भारतीय प्रतिनिधिमंडल लॉजेन गया था, तब इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) ने भारत में डोपिंग की बढ़ती समस्या पर चिंता जताई थी।
नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) ने 2024 में कुल 7,113 डोपिंग टेस्ट किए। इनमें 6,576 यूरिन और 537 ब्लड सैंपल शामिल थे। इन टेस्ट में 260 मामले पॉजिटिव निकले, यानी डोपिंग की दर 3.6% रही। जिन देशों में 5,000 से ज्यादा टेस्ट हुए, उनमें यह सबसे ज्यादा पॉजिटिविटी रेट है।

डोपिंग में बढ़ोतरी नहीं- NADA NADA का कहना है कि डोपिंग के ज्यादा मामले सामने आना खिलाड़ियों में डोपिंग बढ़ने की वजह से नहीं, बल्कि सख्त जांच और बेहतर टेस्टिंग सिस्टम के कारण है। नाडा के मुताबिक, पहली नजर में ये आंकड़े चिंताजनक लग सकते हैं, लेकिन असल में ये भारत के मजबूत एंटी-डोपिंग प्रयासों और ज्यादा टेस्टिंग का नतीजा हैं।
NADA ने बताया कि 2023 में कुल 5,606 सैंपल की जांच की गई थी, जिनमें 213 केस पॉजिटिव पाए गए। वहीं 2025 में अब तक 7,068 टेस्ट किए जा चुके हैं, लेकिन पॉजिटिविटी रेट घटकर सिर्फ 1.5% रह गया है और 110 मामले ही सामने आए हैं। इससे साफ है कि टेस्टिंग बढ़ने के साथ डोपिंग पर नियंत्रण भी हुआ है।
डोपिंग रोकने के प्रयास जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय खेलों में कुछ गहरी समस्याएं हैं। इनमें वैज्ञानिक रिसर्च की कमी और कोच, डॉक्टर व फिजियोथेरेपिस्ट को दवाओं और सप्लीमेंट्स की सही जानकारी न होना शामिल है। इससे डोपिंग के मामले सामने आते हैं।
डोपिंग रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन ने नया एंटी-डोपिंग पैनल बनाया है और सरकार ने नेशनल एंटी-डोपिंग बिल पास किया है। NADA ने 2024 में 280 जागरूकता वर्कशॉप कराईं, जिनमें करीब 37 हजार लोगों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा ‘नो योर मेडिसिन’ ऐप पर अब तक 2.4 लाख बार सर्च किए जा चुके हैं।
इसके बावजूद यह रिपोर्ट भारत के लिए बड़ी चेतावनी है, खासकर तब जब देश भविष्य में बड़े इंटरनेशनल खेल आयोजनों की मेजबानी की तैयारी कर रहा है।
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