केंद्र सरकार ने हाल ही में ग्रामीणों को 100 दिन के रोजगार की गारंटी देने वाली मनरेगा योजना का नया स्वरूप ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण बिल 2025’ (वीबी-जी राम जी) लागू किया है। इस विषय पर लोकसभा में चर्चा जारी है। गुरुवार को
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सांसद पाटील ने अपने वक्तव्य के दौरान सुझाव दिया कि नवीन योजना के तहत कृषि आधारित कार्यों की कार्ययोजना बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसानों की कृषि लागत कम करने के लिए मनरेगा के माध्यम से लघु और सीमांत श्रेणी के कृषकों को निंदाई, गुड़ाई और कटाई जैसे कार्यों के लिए मजदूर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि इससे किसान और मजदूर दोनों लाभान्वित होंगे। सांसद ने यह भी सुझाव दिया कि भौगोलिक स्थिति के अनुसार कृषि विभाग के अफसरों के साथ मिलकर तकनीकी प्राक्कलन तैयार करने का प्रावधान भी इस योजना में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहते हुए शिवराज सिंह चौहान द्वारा गांव, गरीब, किसान और मजदूर की चिंता करने का भी उल्लेख किया।
बोले- ‘रामजी की चिड़िया, राम जी का खेत…’ सांसद ने विकसित भारत जी राम जी विधेयक पर बोलते हुए कहा, रामजी की चिड़िया, राम जी का खेत, खाओ मेरा चिड़िया भर-भर पेट को चरितार्थ करते हुए देश में राम राज्य के संकल्प को साकार करने के लिए हाथ को काम मिले और प्रत्येक गांव का विकास हो।
उन्होंने कहा कि अब ग्रामीण परिवारों को रोजगार के लिए 100 दिन से बढ़कर 125 दिन यानी पहले से अधिक रोजगार देने के साथ 125 दिन की मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी का प्रस्ताव विकसित भारत जी राम जी के नाम से विधेयक प्रस्तुत हुआ है मैं उसका समर्थन करता हूं। जो भारत को समृद्धि के मार्ग पर अग्रसर करेगा। जिससे भारत देश में लगभग साढ़े पंद्रह करोड़ जॉब कार्ड धारी लोग लाभान्वित होंगे जिसमें मेरे मप्र के ही लगभग एक करोड़ जॉब कार्ड धारियों को लाभ होगा।
यह राम राज्य स्थापित करने का कदम यह रोजगार की गारंटी देने वाला कानून बन रहा है जिसका वीबी-जी राम जी रखकर राम राज्य स्थापित करने के लिए एक कदम बढ़ाया है। अंतिम व्यक्ति भी सुखी हो यही राम राज्य है। यह खुद महात्मा गांधी की जी अवधारणा रही है। इसलिए मैं भी प्रस्ताव का समर्थन करता हूं। पहले की मनरेगा योजना में कई राज्यों में अनियमितता हुई। कोई स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण नहीं हुआ और यह योजना केवल पैसा बांटने की योजना तक ही सीमित रही।
यहां तक कि देश में मजदूर भाई, भाइयों को रोजगार तो दूर यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। कई राज्यों में मस्टर रोल पर फर्जी प्रविष्टियां की गई और मजदूरी में कटौती की गई। कोई देखने वाला नहीं था, लेकिन आज के समय में प्रधानमंत्री के विकसित भारत की परिकल्पना के आधार पर ग्रामीण विकास, ग्रामीण कौशल, ग्रामीण अधोसंरचना को ध्यान में रखते हुए योजना में कई बदलाव लिए हैं।
साथ ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की भी परिकल्पना थी कि देश का अंतिम व्यक्ति ही विकास का केंद्र हो और महात्मा गांधी जी का सपना भी। जहां पर हर व्यक्ति को सम्मान और आत्मनिर्भरता से जीवन यापन करने के लिए अब मनरेगा नहीं वीबी-जी राम जी यानी विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण बिल 2025 आ रहा है जो 125 दिन रोजगार देने की गारंटी दे रहा है।