5 साल की उम्र में थामा बैट, आज बने सागर के सबसे महंगे खिलाड़ी, लखनऊ सुपर जायंट्स ने 2 करोड़ 20 लाख रुपये में खरीदा

5 साल की उम्र में थामा बैट, आज बने सागर के सबसे महंगे खिलाड़ी, लखनऊ सुपर जायंट्स ने 2 करोड़ 20 लाख रुपये में खरीदा


अनुज गौतम/सागर: मध्य प्रदेश के सागर क्रिकेट डिवीजन के लिए यह पल किसी सपने से कम नहीं है. टीम के कप्तान अक्षत रघुवंशी की आईपीएल मिनी ऑक्शन में किस्मत चमक गई है. लखनऊ सुपर जायंट्स ने अक्षत को 2 करोड़ 20 लाख रुपये में खरीद लिया है. जैसे ही यह खबर सामने आई, परिवार से लेकर शहर तक जश्न का माहौल बन गया. वहीं सागर डिवीजन के स्टाफ और खिलाड़ियों में भी जबरदस्त उत्साह देखने को मिला.

खास बात यह है कि महज 8 महीने के भीतर सागर डिवीजन को दूसरी बड़ी सफलता मिली है. इससे पहले वूमेन आईपीएल में महिला सागर डिवीजन की कप्तान क्रांति गौंड की एंट्री हुई थी, जिन्होंने वूमेन वर्ल्ड कप में शानदार प्रदर्शन किया. अब अक्षत रघुवंशी का आईपीएल डेब्यू होने जा रहा है. अक्षत का सपना साफ है भारत की राष्ट्रीय टीम के लिए खेलना, और इसके लिए वह लगातार मेहनत कर रहे हैं.

5 साल की उम्र में पिता ने थमाया बैट
अशोकनगर निवासी अक्षत रघुवंशी के पिता कृष्णपाल सिंह खुद क्रिकेट के शौकीन थे. उन्होंने बेटे के अंदर छुपे टैलेंट को जल्दी पहचान लिया और महज 5 साल की उम्र में अक्षत के हाथ में बैट थमा दिया. पिता गेंदबाजी करते और अक्षत बल्लेबाजी. यहीं से क्रिकेट का सफर शुरू हुआ. 11 साल की उम्र में अक्षत को इंदौर की क्रिकेट अकादमी भेजा गया, जहां उन्होंने प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली. 14 साल की उम्र में वह एमपी अंडर-14 टीम में चुने गए. इसके बाद अंडर-16, अंडर-19 और अंडर-23 टीम का हिस्सा बने. पीछे मुड़कर देखने का मौका ही नहीं मिला.

सागर डिवीजन की रीढ़ बने अक्षत

पिछले 4 साल से अक्षत सागर क्रिकेट डिवीजन से खेल रहे हैं और बीते 3 साल से सीनियर टीम के कप्तान हैं. वर्तमान में डिवीजन क्रिकेट टूर्नामेंट में रतलाम में खेलते हुए उन्होंने पहली पारी में 55 और दूसरी पारी में 65 रन बनाए. वह मिडिल ऑर्डर के भरोसेमंद बल्लेबाज हैं और लंबी पारी खेलने के लिए जाने जाते हैं.

रोहित शर्मा से है खास लगाव
अक्षत बताते हैं कि वह रोहित शर्मा के जबरदस्त फैन हैं. उन्हीं को देखकर बैटिंग सीखी और लंबे-लंबे छक्के मारने की कोशिश करते हैं. इसी वजह से साथी खिलाड़ी उन्हें “सागर डिवीजन का रोहित शर्मा” भी कहते हैं.

पहला रणजी शतक आज भी याद

अक्षत ने लगभग हर लेवल पर सेंचुरी लगाई है, लेकिन रणजी ट्रॉफी के पहले मैच में आया शतक उनके लिए सबसे खास है. आईपीएल में चयन के बाद उनका पूरा परिवार और गांव खुशी से झूम रहा है.

एमपीएल और 192 रन की ऐतिहासिक पारी
कोच रिहान तारिक बताते हैं कि अक्षत अंडर-14 से ही बेहद अनुशासित और भूखे खिलाड़ी रहे हैं. एमपीएल में उन्होंने चार मैचों में 239 रन बनाए थे. वहीं परमानंद भाई टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में रीवा के खिलाफ 192 रन की एकतरफा पारी खेली थी, जिसमें 12 छक्के शामिल थे. उसी मैच से उन्होंने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा. आज वही अक्षत 2.20 करोड़ में आईपीएल टीम का हिस्सा हैं मेहनत, धैर्य और जुनून की जीत की कहानी.



Source link