अशोकनगर जिले के चंदेरी में शुक्रवार को एक बुजुर्ग महिला की सामान्य मौत के बाद अंतिम संस्कार से पहले ही हालात बिगड़ गए। गांधी नगर इलाके में सामाजिक बहिष्कार को लेकर उठे विवाद ने ऐसा तूल पकड़ा कि परिजनों ने शव को दिल्ली दरवाजे पर रखकर सड़क जाम कर दी।
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मामला तब भड़का, जब समाज द्वारा बहिष्कृत बताए जा रहे एक परिवार ने शव यात्रा में शामिल होने की कोशिश की। परिजनों ने इसका विरोध करते हुए चक्का जाम कर दिया, जिससे कुछ देर तक यातायात ठप रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझाइश और कार्रवाई की चेतावनी देकर स्थिति संभाली।
मृतक के परिजनों में आक्रोश
जानकारी के अनुसार, अंतिम संस्कार की प्रक्रिया के दौरान बाल्मीकि मंदिर के पास रहने वाला एक परिवार शव यात्रा में शामिल होने पहुंचा था। इस पर मृतका के परिजन आक्रोशित हो गए। परिजनों का कहना था कि उक्त परिवार का समाज द्वारा पहले से ही बहिष्कार किया गया है और समाज के निर्णय के अनुसार उन्हें किसी भी सामाजिक या धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने की अनुमति नहीं है।
इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और गुस्साए परिजनों ने विरोध स्वरूप शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। इससे कुछ समय के लिए इलाके में यातायात प्रभावित हो गया। चक्का जाम की सूचना मिलते ही चंदेरी पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया।
थाना प्रभारी बोले-अनावश्यक रूप से लगाया जाम
चंदेरी थाना प्रभारी मनीष जादौन ने बताया कि सड़क को अनावश्यक रूप से जाम किया गया था, जिससे आम लोगों को परेशानी हुई। यह चक्का जाम करीब 10 मिनट से अधिक समय तक चला। पुलिस ने मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी और चेतावनी दी कि यदि सड़क से शव नहीं हटाया गया तो अनावश्यक रूप से चक्का जाम करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी।
पुलिस की चेतावनी के बाद प्रदर्शनकारी सड़क से हटे और यातायात सामान्य कराया गया। टीआई मनीष जादौन ने बताया कि बेवजह सड़क पर बैठकर यातायात बाधित करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित कर लिया है और क्षेत्र में शांति बनी हुई है।