विदिशा के करैयाखेड़ा रोड स्थित भैरो बाबा कॉलोनी में शुक्रवार शाम को विद्युत वितरण कंपनी ने अवैध बिजली कनेक्शनों पर कार्रवाई की। कॉलोनी में बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों द्वारा अवैध तरीके से बिजली उपयोग करने के बाद की गई।
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बिजली कंपनी की टीम ने मौके पर पहुंचकर ट्रांसफार्मर से अवैध रूप से जुड़े तार काट दिए, जिससे लगभग 10 घरों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। इस कार्रवाई के बाद कॉलोनीवासियों और कंपनी के कर्मचारियों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
भैरो बाबा कॉलोनी में बिजली के खंभे या डीपी (डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर) स्थापित नहीं किए गए हैं। कॉलोनाइजर ने सस्ते दामों पर प्लॉट बेच दिए, लेकिन बिजली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराईं। कॉलोनाइजर के गायब होने के बाद अब रहवासी इन समस्याओं से जूझ रहे हैं।
कार्रवाई के समय कॉलोनी के लोग एकत्रित हो गए।

बिजली कंपनी के लोगों ने पहुंचकर कार्रवाई की।
कॉलोनी में एक डीपी 11 खंभे लगेंगे स्थिति बिगड़ने पर वार्ड क्रमांक 33 के पार्षद प्रतिनिधि राजू दांगी मौके पर पहुंचे। उन्होंने समझाइश देकर विवाद को शांत कराया और बिजली कंपनी के अधिकारियों से चर्चा की। चर्चा के बाद फिलहाल बिजली आपूर्ति बहाल करने पर सहमति बनी। पार्षद प्रतिनिधि ने बताया कि कॉलोनी में जल्द ही एक डीपी और लगभग 11 बिजली खंभे लगाए जाएंगे, जिससे स्थायी समाधान हो सके।
विद्युत वितरण कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि अवैध कनेक्शनों के कारण ट्रांसफार्मर पर अत्यधिक भार पड़ रहा था। इससे आसपास के वैध उपभोक्ताओं को बार-बार बिजली गुल होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों के तहत बिजली कनेक्शन लेना अनिवार्य है।
यह पूरा मामला जिला प्रशासन और नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े करता है। अवैध कॉलोनियों पर कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित रहने के कारण शहर में ऐसी कॉलोनियां तेजी से बढ़ रही हैं।
इसका परिणाम यह होता है कि आम लोग सस्ते प्लॉट के लालच में फंसकर बुनियादी सुविधाओं से वंचित रह जाते हैं और बाद में उन्हें विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ता है।