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ED ने अनुराग द्विवेदी के उन्नाव स्थित घर पर छापा मारकर लैम्बॉर्गिनी उरुस SE, BMW Z4 सहित कई महंगी कारें जब्त कीं, उन पर स्काई एक्सचेंज जैसे जुए के ऐप्स से अवैध कमाई का आरोप है.
नई दिल्ली. प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उत्तर प्रदेश में एक यूट्यूबर के घर पर छापा मारा है, जहां कई महंगी कारें मिली हैं. सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर अनुराग द्विवेदी पर ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए के ऐप्स से भारी रकम कमाने का आरोप है. जांच का फोकस पैसों के लेन-देन और जुए के नेटवर्क से जुड़े अवैध कमाई पर है. NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, द्विवेदी की आय का बड़ा हिस्सा स्काई एक्सचेंज और अन्य जुए के ऐप्स से आया है. ये ऐप्स यूजर्स को ऑनलाइन सट्टा लगाने की सुविधा देते हैं, जो भारत में गैरकानूनी है. अधिकारियों ने बताया कि इन ऐप्स से हुई कमाई को अलग-अलग तरीकों से सफेद किया गया और फिर लग्जरी कारों व अन्य महंगे सामान खरीदने में इस्तेमाल किया गया.
महंगी गाड़ियों का जखीरा
यूट्यूबर के गैराज में जो मॉडल्स मिले हैं, उनमें लैम्बॉर्गिनी उरुस SE, BMW Z4 और मर्सिडीज-बेंज सेडान शामिल हैं, जो तस्वीरों के आधार पर E-क्लास लगती है. इसके अलावा कंटेंट क्रिएटर के पास फोर्ड एंडेवर (जो भारत में बंद हो चुकी है) और महिंद्रा थार भी थी. इन सभी मॉडल्स में लैम्बॉर्गिनी उरुस सबसे महंगी कार है.
किस गाड़ी की कितनी कीमत
भारत में लॉन्च के समय इसकी कीमत 3 करोड़ रुपये (एक्स-शोरूम) थी. यह परफॉर्मेंस कार निर्माता की सबसे ज्यादा बिकने वाली कारों में से एक है और अपनी स्पोर्टी परफॉर्मेंस व ऑफ-रोड क्षमता के लिए जानी जाती है. इसमें 4.0-लीटर, ट्विन-टर्बो V8 इंजन है, जो 650 hp और 850Nm टॉर्क देता है, और इसे आठ-स्पीड ऑटोमैटिक गियरबॉक्स से जोड़ा गया है.
BMW Z4:87.90 लाख रुपये
लिस्ट में दूसरी सबसे महंगी कार BMW Z4 है. यह फिलहाल भारत में 87.90 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) की शुरुआती कीमत पर बिकती है. यह कन्वर्टिबल कार 3.0-लीटर ट्विन-टर्बो इनलाइन-सिक्स सिलेंडर इंजन से पावर लेती है, जो 340 hp की ताकत और 500 Nm का पीक टॉर्क देती है. इसकी पावर 8-स्पीड ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन के जरिए रियर व्हील्स तक जाती है.
क्या है इल्जाम?
प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत कार्रवाई की. द्विवेदी ने अवैध पैसे से खरीदी गई संपत्तियों को छुपाने और उन्हें वैध दिखाने की कोशिश की थी. ED ने उनके उन्नाव स्थित घर की तलाशी ली और ये सभी संपत्तियां बरामद कीं. द्विवेदी एक यूट्यूब चैनल चलाते हैं, जहां उन्होंने सट्टेबाजी और जुए के ऐप्स का प्रचार किया. इसके चलते बड़ी संख्या में लोगों ने इन ऐप्स पर रजिस्ट्रेशन किया, जिससे अवैध गतिविधियों का दायरा और बढ़ गया, ऐसा ED का कहना है.