आगर मालवा जिला कांग्रेस कमेटी ने रविवार शाम छावनी स्थित गांधी उपवन में धरना-प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से राष्ट्रपिता का नाम हटाने और योजना के नियमों में किए गए बदलावों के खिलाफ किया
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प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता गुड्डू लाला ने केंद्र और राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना का स्वरूप बदलकर उसे कमजोर करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि राष्ट्रपिता के नाम से जुड़ी योजना से उनका नाम हटाना सरकार की नकारात्मक सोच को दर्शाता है।
बजट के नए प्रावधानों पर उठाए सवाल
कांग्रेस प्रवक्ता ने बताया कि नए नियमों के तहत मनरेगा का 40 प्रतिशत खर्च अब राज्य सरकार को उठाना होगा। उन्होंने तर्क दिया कि मध्य प्रदेश सरकार पहले से ही कर्ज में डूबी हुई है, ऐसे में राज्य सरकार के लिए इस योजना का अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना मुमकिन नहीं होगा। कांग्रेस ने इसे गरीबों और मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला बताया है।
रोजगार के आंकड़ों पर सरकार को घेरा
प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के उन दावों पर भी सवाल उठाए गए जिसमें रोजगार के दिनों को बढ़ाने की बात कही गई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों में मजदूरों को औसतन केवल 42 प्रतिशत ही काम मिल पाया है। पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता रोजगार देना नहीं, बल्कि सिर्फ योजनाओं के नाम बदलना रह गई है। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।