खजुराहो में संत रामपाल सत्संग में हंगामा: हिंदू संगठन बोले- संत की फोटो भगवान से ऊपर लगाई, कार्यक्रम में जाने से रोका – khajuraho News

खजुराहो में संत रामपाल सत्संग में हंगामा:  हिंदू संगठन बोले- संत की फोटो भगवान से ऊपर लगाई, कार्यक्रम में जाने से रोका – khajuraho News


छतरपुर जिले के खजुराहो में रविवार शाम संत रामपाल बाबा के सत्संग कार्यक्रम के दौरान विवाद हो गया। संगठनों ने देवताओं के अपमान का आरोप लगाते हुए कार्यक्रम पर आपत्ति जताई। हालात बिगड़ते देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। हिंदू संगठनों ने कार्यक्रम स्थल प

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देवताओं के अपमान का आरोप

हिंदू संगठनों का आरोप है कि सत्संग स्थल पर संत रामपाल बाबा की तस्वीर ब्रह्मा, विष्णु और महेश की तस्वीरों से ऊपर लगाई गई थी। इसे उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं का अपमान बताया। इस बात को लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई और वे मौके पर विरोध करने पहुंच गए।

समर्थकों और विरोध करने वालों में बहस

उत्सव धाम के पास आयोजित इस सत्संग में सैकड़ों अनुयायी मौजूद थे। विरोध करने पहुंचे हिंदू संगठनों और रामपाल समर्थकों के बीच बहस हो गई। स्थिति तनावपूर्ण होती देख पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया।

इस फोटो पर विवाद हुआ था।

हिंदू संगठन बोले- भगवान के रूप में प्रस्तुत करते हैं संत रामपाल

हिंदू संगठन के नेता दीपू तिवारी ने आरोप लगाया कि संत रामपाल खुद को भगवान के रूप में प्रस्तुत करते हैं और लोगों को भ्रमित करते हैं। उन्होंने कहा कि रामपाल के अनुयायी भगवान श्रीराम को नहीं मानते और उनकी पुस्तकों में हिंदू देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं।

कार्यक्रम स्थल में जाने से रोकने का आरोप

वहीं, कार्यकर्ता रुद्र नारायण ने बताया कि उन्हें कार्यक्रम स्थल के अंदर जाने से रोका गया। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाने पर रामपाल समर्थकों ने आपत्ति जताई। उनका कहना था कि वे किसी सत्संग का विरोध नहीं कर रहे, बल्कि युवाओं को गुमराह करने वाली गतिविधियों का विरोध कर रहे हैं।

रामपाल समर्थक बोले- अनुमति लेकर किया कार्यक्रम

रामपाल समर्थकों की ओर से लोकेंद्र दास ने कहा कि कार्यक्रम पूरी तरह अनुमति लेकर आयोजित किया गया था। उन्होंने बताया कि हिसार में संत रामपाल बाबा को मिले किसान रक्षक सम्मान का लाइव टेलीकास्ट दिखाया जा रहा था। उनका कहना है कि किसी भी देवी-देवता का अपमान नहीं किया गया और तस्वीरों को लेकर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं।

पुलिस ने दी समझाइश

विवाद बढ़ने की सूचना पर खजुराहो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, इसलिए पुलिस ने शांति व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया है।



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