मैहर जिले के ताला थाना अंतर्गत पोड़ी खुर्द, खजुरी ताल में गाय के दूध की ‘तेली’ (बछड़ा देने के बाद का पहला दूध) खाने से एक ही परिवार के सात लोग फूड प्वाइजनिंग के शिकार हो गए। इनमें दो मासूम बच्चे भी शामिल हैं। सभी पीड़ितों को शनिवार को सतना के एक निजी
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पीड़ितों में मुन्नी साहू (55), बैजनाथ साहू (36), रामबहोर साहू (60), रमेश कुमार (26), विनोद साहू (38), हिताछी (2) और आश्रिता (9) शामिल हैं। हिताछी और आश्रिता सगी बहनें हैं, वहीं विनोद साहू बिरसिंहपुर से पोड़ी स्थित अपने ससुराल आए हुए थे।
देखिए तस्वीरें….
घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है।

गाय के दूध से बनी तेली खाने के बाद मासूम बीमार।

पीड़ित परिवार के सदस्यों का सतना के निजी अस्पताल में इलाज जारी।

फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुई महिला।
दूध से बनी तेली खाने से पूरा परिवार डायरिया का शिकार
पीड़ित रामबहोर साहू ने बताया कि उनकी गाय बीमार थी। 15 दिसंबर को एक डॉक्टर को बुलाकर उसका इलाज कराया गया था, जिसमें इंजेक्शन और दवाएं दी गई थीं। 16 दिसंबर को गाय ने बछड़ा दिया।
19 दिसंबर को परिवार के सदस्यों ने इसी गाय के दूध से बनी ‘तेली’ का सेवन किया। उसी रात लगभग 2 बजे से एक-एक कर सभी सदस्यों को डायरिया होने लगा। परिजनों ने घबराकर 20 दिसंबर को सभी पीड़ितों को निजी वाहन से सतना के अस्पताल पहुंचाया।
रामबहोर ने यह भी बताया कि डॉक्टर ने उन्हें यह जानकारी नहीं दी थी कि इलाज के बाद बछड़ा देने वाली गाय की ‘तेली’ का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।