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Amar Bel Ke Nuksan.अमर बेल एक परजीवी लता है जो बबूल, नीम, कैथा जैसे पेड़ों को नष्ट कर देती है. डॉ. अमिता अरजरिया के अनुसार इस बेल के प्रतिक जागरूकता बहुत जरूरी है. क्योंकि, अनजाने में हमारी एक गलती से ये पेड़ों को तबाह कर देती है.
Amar Bel Ke Nuksan. आपने इंसान और पशुओं का दुश्मन सुना होगा, लेकिन आज हम आपको पेड़ का दुश्मन बताने जा रहे हैं. दरअसल, पेड़ों की दुश्मन अमर बेल है. यह जिस पेड़ पर लग जाती है, उसे पेड़ को खत्म करके रहती है. किसी भी पेड़ को अमरबेल के प्रकोप से कैसे बचाएं, एक्सपर्ट से जानें..
किसी भी पेड़ को बनाती है शिकार
स्थानीय निवासी राज किशोर बताते हैं कि अमर बेल एक ऐसी बेल होती है जो छोटे से लेकर बड़े पेड़ों को भी नष्ट कर देती है. यह जिस पेड़ पर लग जाती है, उसे खत्म कर देती है. उस पेड़ की पत्तियां और तना, जड़ को धीरे-धीरे खत्म कर देती है. चाहे बबूल का पेड़ हो, नीम का पेड़ हो, कैथा का पेड़ हो. ऐसे तमाम विशाल वृक्षों को खत्म कर देती है. इस अमरबेल को सालों से देखते आ रहे हैं. हमारे ही सामने कितने पेड़ इस बेल की चपेट में आ गए. ये अमरबेल किसी भी मौसम में पेड़ पर लग जाती है.
कोई ठोस इलाज नहीं!
स्थानीय निवासी रामदीन बताते हैं कि हमारे ही खेत में विशाल नीम का वृक्ष लगा था, लेकिन जब से अमर बेल लग गई तो इसने कुछ ही महीनों में इस पेड़ की पत्तियों को ही गायब कर दिया. अब कुछ महीनों बाद पेड़ ही खत्म हो जाएगा. इस अमरबेल से पेड़ को कैसे बचाया जाए? इसका अभी तक हमें कोई उपाय नहीं मिल सका है.
लोग करते हैं ये गलती
वहीं, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में बॉटनी डिपार्टमेंट में पदस्थ प्रोफेसर डॉ. अमिता अरजरिया ने बताया, हमारे यहां लोग अक्सर गलती करते हैं कि किसी छोटे से पेड़ या पौधे पर इस अमर बेल को डाल देते हैं, जिसके चलते यह बेल लगातार फैलती रहती है. न जाने कितने ही पेड़ों को अपना ग्रास बना लेती है. यह बेल देखते ही देखते पूरे पेड़ पर इस कदर फैल जाती है कि पेड़ पूरी तरह इसके आगोश में आ जाता है. इसी कारण से हर साल सैकड़ों पेड़ इस बेल के कारण सूख जाते हैं.
सिर्फ ऐसे बचा सकते हैं…
डॉ. अमिता बताती हैं कि इस अमरबेल के नुकसान से लोगों को जागरूक करना बहुत जरूरी है. लोग इस बेल वाले पौधे की टहनियों को काटकर पेड़ को बचा सकते हैं. इस बेल से प्रभावित अगर कोई पेड़ दिखाई देता है तो उसकी ‘छटाई’ तुरंत कर देनी चाहिए. अगर पेड़-पौधे ही लुप्त हो जाएंगे तो आने वाले समय में मानव का अस्तित्व ही नष्ट हो जाएगा, इसलिए हम लोगों को छोटी सी अमरबेल को गलती से भी पौधे में नहीं डालना चाहिए.
क्या है अमरबेल?
डॉ. अमिता बताती हैं कि अमरबेल एक परजीवी लता है, जो दूसरे पेड़-पौधों पर आश्रित होती है. इस लता में महीन सूत्र होते हैं जो पेड़ पौधों की डालियों से रस चूसते रहते हैं. यही से इस अमरबेल को ऊर्जा मिलती है. लगातार रस चूसने की वजह से ये जिस पेड़ पौधों पर होती है, वे एक समय के बाद सूख कर खत्म हो जाता है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें