ट्रक चालक सुमित पटेल हनुमना होते हुए रीवा की ओर आ रहा था। आरटीओ चेक पोस्ट के पास दलाल ट्रक पर चढ़ गया।
रीवा-मऊगंज जिले के हनुमना आरटीओ चेक पोस्ट से रीवा के बीच अवैध वसूली का मामला सामने आया है। यहां ट्रक चालकों से जबरन पैसे वसूलने की कोशिश करना एक प्राइवेट दलाल को भारी पड़ गया। दलाल को अपनी जान बचाने के लिए चलती ट्रक में करीब 5 किलोमीटर तक लटकना पड़ा।
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जानकारी के मुताबिक, ट्रक चालक सुमित पटेल हनुमना होते हुए रीवा की ओर आ रहा था। इसी दौरान आरटीओ चेक पोस्ट के पास एक प्राइवेट दलाल ट्रक पर चढ़ गया। वह कथित तौर पर अवैध वसूली के नाम पर पैसों की मांग करने लगा।
चालक ने बताया कि दलाल लगातार पैसे देने का दबाव बना रहा था और रंगदारी के अंदाज में बातचीत कर रहा था। जब सुमित ने पैसे देने से इनकार किया, तो दलाल जबरन ट्रक पर चढ़ गया। इसके बाद चालक ने ट्रक नहीं रोका।
ट्रक चालक सुमित पटेल हनुमना होते हुए रीवा की ओर आ रहा था।
5 किमी तक लटका रहा, पैर छूकर माफी मांगता दिखा
ड्राइवर के गाड़ी न रोकने पर दलाल करीब 5 किलोमीटर तक चलती गाड़ी में लटका रहा। इस दौरान उसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह बार-बार पैर छूकर माफी मांगता रहा और एक बार छोड़ देने की गुहार लगाता नजर आया। वीडियो शनिवार दोपहर का बताया जा रहा है जो कि रविवार सुबह सामने आया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पूरी घटना के दौरान दलाल की हेकड़ी पूरी तरह निकल गई। मौके पर मौजूद लोग भी यह नजारा देखकर हैरान रह गए।
देखिए तीन तस्वीरें

आरटीओ चेक पोस्ट के पास एक प्राइवेट दलाल ट्रक पर चढ़ गया।

अवैध वसूली के नाम पर पैसों की मांग करने लगा।

दलाल करीब 5 किलोमीटर तक चलती गाड़ी में लटका रहा।
हनुमना चेक पोस्ट पर दलालों का कब्जा
ट्रक चालकों का कहना है कि हनुमना समेत जिले के कई चेक पोस्टों पर दलाल सक्रिय रहते हैं। ये दस्तावेजों में कमी या जांच के नाम पर अवैध वसूली करते हैं। पैसे नहीं देने पर चालकों को घंटों परेशान किया जाता है या अनावश्यक रोक-टोक की जाती है।
ड्राइवर बोला- बदसलूकी की तो विरोध किया
ड्राइवर सुमित पटेल का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब उससे पैसे मांगे गए हों, लेकिन इस बार लगातार दबाव और बदसलूकी के चलते उसने विरोध किया।
ट्रक चालकों का आरोप है कि बिना विभागीय संरक्षण के इस तरह की दलाली संभव नहीं है। फिलहाल यह घटना सोशल मीडिया और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में चर्चा का विषय बनी हुई है। सवाल यह है कि क्या परिवहन विभाग ऐसे प्राइवेट दलालों पर कार्रवाई करेगा या वसूली का यह खेल यूं ही चलता रहेगा।