शिवपुरीः सर्दियों का मौसम आते ही घरों में हरी सब्जियों की बहार आ जाती है। इन्हीं सब्जियों में एक नाम है बथुआ, जिसे गांवों में लोग बड़े चाव से खाते हैं. आमतौर पर बथुआ का साग बनाया जाता है, लेकिन अगर आप रोज़-रोज़ वही साग खाकर बोर हो गए हैं, तो बथुआ के पराठे एक बढ़िया विकल्प हो सकते हैं. स्वादु में लाजवाब और सेहत के लिए फायदेमंद, बथुआ पराठा सर्दियों के नाश्ते को खास बना देता है.
ठंड के दिनों में गरमागरम पराठे खाने का मजा ही अलग होता है. ऊपर से अगर हरी चटनी, थोड़ा मक्खन या दही मिल जाए, तो नाश्ता पूरा हो जाता है. बथुआ का स्वाद हल्का होता है, इसमें किसी तरह की कड़वाहट नहीं होती और यही वजह है कि इसे बच्चे भी आसानी से खा लेते हैं. जो लोग आलू, गोभी या मूली के पराठे खाते आए हैं, उनके लिए बथुआ पराठा एक नया और हेल्दी बदलाव हो सकता है.
सर्दियों में बथुआ है फायदेमंद
बिना तड़का लगाए खा सकते हैं
अगर आप बिना तड़के के भी पराठा बनाना चाहें, तो कच्चा बथुआ सीधे आटे में मिलाकर भी पराठे बनाए जा सकते हैं. दोनों ही तरीके स्वाद में अच्छे लगते हैं। हरी धनिया या पुदीने की चटनी के साथ ये पराठे और भी स्वादिष्ट लगते हैं.
सेहत की बात करें तो बथुआ को पोषक तत्वों का खजाना माना जाता है. इसमें आयरन, फाइबर, कैल्शियम और कई जरूरी विटामिन पाए जाते हैं, जो शरीर को मजबूत रखते हैं। सर्दियों में यह शरीर को अंदर से गर्म रखने में भी मदद करता है और पाचन को दुरुस्त रखता है. अगर आप नाश्ते में कुछ हेल्दी और टेस्टी बनाना चाहते हैं, तो बथुआ साग के पराठे ज़रूर ट्राई करें. बथुआ साग को सेहत का खजाना कहा जाता है, क्योंकि इसमें विटामिन A, C और K के साथ-साथ आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फाइबर, प्रोटीन, मैंगनीज़ और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये सभी तत्व शरीर को मज़बूत बनाने और कई स्वास्थ्य लाभ देने में मदद करते हैं.