सिवनी में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है। डॉग बाइट के मामले लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है। कुछ महीने पहले कान्हीवाड़ा थाना क्षेत्र में आवारा कुत्तों के हमले से एक बच्ची की मौत भी हो चुकी है।
.
झुंड में लोगो पर कर रहे हैं हमला
दिन हो या रात, शहर की सड़कों पर कुत्तों के झुंड देखे जा सकते हैं। शाम ढलने के बाद ये कुत्ते अधिक आक्रामक हो जाते हैं और झुंड में लोगों पर हमला करते हैं। आलम यह है कि लोग रात में बाइक पर निकलने से भी कतराते हैं, क्योंकि कुत्ते चलती बाइक पर भी झपट्टा मारने से बाज नहीं आते।
जिला अस्पताल में ऐसे पीड़ितों की संख्या बढ़ी
नगर पालिका हर साल कुत्तों की धरपकड़ और नसबंदी के लिए अभियान चलाने का दावा करती है। इन अभियानों पर लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। कुत्तों के काटने की घटनाएं केवल शहर में ही नहीं, बल्कि गांवों में भी बढ़ रही हैं। जिला अस्पताल में ऐसे पीड़ितों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
शहर से लेकर गांव तक बढ़ी घटनाएं
शहर के विवेकानंद वार्ड, शहीद वार्ड, बारापत्थर, बस स्टैंड, भैरोगंज, छिंदवाड़ा चौक, कटंगी रोड, शुक्रवारी, ज्यारतनाका, राजपूत कॉलोनी, काली चौक, मंगलीपेठ, मठ मंदिर और आजाद वार्ड सहित कई अन्य क्षेत्रों में आवारा कुत्तों का जमावड़ा सबसे अधिक देखा जाता है।
आवारा कुत्तों को नियंत्रित करने के लिए चलाया गया नसबंदी अभियान भी बेअसर साबित हो रहा है। अभियान की शुरुआत में शहरी क्षेत्र में कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने का दावा किया गया था, जिस पर लाखों रुपये खर्च हुए। इसके बावजूद, इन घटनाओं को रोकने के लिए जिले और शहर में कोई उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं, जिससे लोगों में भय बना हुआ है।

सीएमओ बोले-कुत्तों को पकड़ने के लिए चलाएंगे अभियान
जिला अस्पताल से मिले आंकड़े के अनुसार वर्ष 2024 में जनवरी माह में 208, फरवरी में 208, मार्च में 219, अप्रेल में 240, मई में 257, जून में 250, जुलाई में 186, अगस्त में 152, सितम्बर में 156, अक्टूबर में 165, नवंबर में 195, दिसंबर में 235 मामले आए। व
हीं जनवरी 2025 में 317 एवं फरवरी में 333, मार्च में 355, अप्रेल में 310, मई माह में 370 मामले सामने आए हैं। नगर पालिका के सीएमओ विशाल सिंह मर्सकोले का कहना है कि कुत्तों को पकड़ने के लिए जल्द ही अभियान चलाया जाएगा।इसके लिए टीम गठित करेंगे।