13वीं संतान को जन्म देने के बाद मुमताज का हो गया था देहांत, यहां रखा गया था शव

13वीं संतान को जन्म देने के बाद मुमताज का हो गया था देहांत, यहां रखा गया था शव


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Burhanpur news: मुमताज का देहांत होने के बाद उसके शव को साइन बाग में रखा गया था. यह बाग काफी प्रसिद्ध है. यहां पर 6 महीने तक उसके शव को रखा गया. उसके बाद आगरा पहुंचा गया था इसलिए आज भी यहां पर देश-विदेश के पर्यटक स्थल को देखने के लिए आते हैं और बाकी कुछ लोगों का कहना है कि उसके शव को आहुखाने मे ऱखा गया है.

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बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले से शाहजहां की पत्नी मुमताज का खाता नाता रहा है. क्योंकि यहां पर शाहजहां और मुमताज की प्रेम की कई निशानियां है और जब मुमताज का 13 वीं संतान को जन्म देते समय देहांत हुआ तो उसके शव को 6 महीने तक बुरहानपुर के साइन बाग में रखा गया था. आज भी यहां पर देश-विदेश के पर्यटक इस स्थल को देखने के लिए आते हैं. आगरा में जो ताजमहल बना हुआ है वह बुरहानपुर में बनने वाला था लेकिन किसी कारण वर्ष उसका निर्माण आगरा में हुआ है लेकिन आज भी जब लोग आगरा घूमने के बाद इसके सही इतिहास को जानने के लिए बुरहानपुर जरूर आते हैं.

साइनबाग से है मुमताज का नाता

लोकल 18 की टीम ने जब इतिहासकार नौशाद सर से बात की तो उन्होंने बताया कि मुमताज का देहांत होने के बाद उसके शव को साइन बाग में रखा गया था. यह बाग काफी प्रसिद्ध है. यहां पर 6 महीने तक उसके शव को रखा गया. उसके बाद आगरा पहुंचा गया था इसलिए आज भी यहां पर देश-विदेश के पर्यटक स्थल को देखने के लिए आते हैं और बाकी कुछ लोगों का कहना है कि उसके शव को आहुखाने में रखा गया था. इतिहासकार यह बताते हैं कि साइन बाग से मुमताज का रिश्ता जुड़ा हुआ है. शाहजहां और मुमताज का बुरहानपुर से गहरा नाता रहा है. इसलिए जो भी देश-विदेश के पर्यटक आगरा का ताजमहल देखने के लिए जाते हैं वह बुरहानपुर घूमने के लिए जरूर आते हैं.

बुरहानपुर में बनना था ताजमहल

इतिहासकार यह भी बताते हैं कि जिस तरह से यमुना नदी के तट पर आगरा में ताजमहल बना हुआ है वह ताजमहल सबसे पहले बुरहानपुर में ही बनने वाला था लेकिन उस जमाने में यहां तक वस्तुएं नहीं आ पा रही थी इसके लिए शाहजहां ने इसको बनाने का निर्णय आगरा में लिया. आज वहां पर ताजमहल बना हुआ है उस ताजमहल को देखने के बाद जब वहां पर इतिहास पता चलता है. तो पर्यटक बुरहानपुर भी आते हैं और इस स्थल को भी देखते हैं.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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