दांत दर्द और बाकी समस्या को कहें बाय-बाय, ऐसे करें इस छोटे पौधे का इस्तेमाल

दांत दर्द और बाकी समस्या को कहें बाय-बाय, ऐसे करें इस छोटे पौधे का इस्तेमाल


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Chhatarpur News: अपामार्ग पौधे की ताजी जड़ से रोजाना दातून करने से दांत दर्द तो ठीक होता ही है, साथ ही दांतों का हिलना, कमजोर मसूड़े और मुंह से बदबू आने की समस्या भी ठीक होती है. इसके इस्तेमाल से दांत अच्छी तरह साफ हो जाते हैं.

छतरपुर. मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में सड़क या खेत किनारे एक ऐसा भी औषधीय पौधा पाया जाता है, जिसे क्षेत्रीय लोग वज्रदंती के नाम से जानते हैं. आयुर्वेद में इसे अपामार्ग के नाम से जाना जाता है. इस दातून को क्षेत्रीय भाषा में अझ्झरझार, लिटजरा और चिरचिटा के नाम से भी जाना जाता है. यह औषधीय पौधा दांतों के लिए रामबाण माना जाता है. अगर आपके भी दांतों में कीड़ लगना और पायरिया जैसे रोग लग गए हैं और दांत दर्द करता है, तो आप वज्रदंती पौधे की पत्तियों के रस के सेवन से दांत के ये रोग ठीक कर सकते हैं. ग्रामीण अंचल के वैद्य छोटेलाल लोकल 18 से बातचीत में बताते हैं कि अपामार्ग के 2-3 पत्तों के रस में रूई को डुबोकर फोया बना लें. इसे दांतों में लगाने से दांत का दर्द ठीक होता है. इसके अलावा अगर दांत में कीड़ा लगा है, तो आप इन पत्तियों के रस को कान में डाल लें. आपके दांत का कीड़ा मर जाएगा.

उन्होंने कहा कि अपामार्ग की ताजी जड़ से रोजाना दातून करने से दांत दर्द तो ठीक होता ही है, साथ ही दांतों का हिलना, मसूड़ों की कमजोरी और मुंह से बदबू आने की समस्या भी ठीक होती है. इससे दांत अच्छी तरह साफ हो जाते हैं. छोटेलाल बताते हैं कि छतरपुर जिले के स्थानीय लोग इसे चिरचिटा, लटजीरा, चिरचिरा, अझ्झरझार या चिचड़ा भी बोलते हैं. इसे अपामार्ग भी कहते हैं. यह एक बहुत ही साधारण पौधा है. आपके घर के आसपास, जंगल-झाड़ या अन्य स्थानों पर अपामार्ग का पौधा देखने को मिल जाता है लेकिन ज्यादातर लोग इसे पहचान नहीं पाते हैं, जिसके चलते लोग इसे बेकार ही समझते हैं.

दातून से पीले दांत होते सफेद
वैद्य ने आगे कहा कि लटजीरा एक जड़ी-बूटी है और इसके कई औषधीय गुण हैं. कई रोगों के इलाज में अपामार्ग के इस्तेमाल से फायदे मिलते हैं. दांतों के रोग, घाव, पाचनतंत्र विकार सहित अनेक बीमारियों में अपामार्ग के औषधीय गुण से लाभ मिलता है. इसका पौधा दिखने में छोटा होता है. इस पेड़ की जड़ से लगातार 10 दिनों तक दातून करने से पायरिया, मसूड़े के दर्द में राहत मिलती है. साथ ही पीले दांत भी चमक जाते हैं. इस पौधे की दातून करने से गंदे दांत भी साफ हो जाते हैं. वहीं दांत दर्द, पायरिया, मुंह के छाले और घाव भी ठीक होते हैं.

घाव होने पर ऐसे करें उपचार
वैद्य बताते हैं कि घाव होने पर सबसे पहले अपामार्ग की जड़ को तिल के तेल में पकाकर छान लें. इसे घाव पर लगाएं. इससे दर्द कम हो जाता है. वहीं घाव ठीक भी हो जाता है. चर्म रोग में भी यह फायदेमंद है. इसके पत्तों को पीसकर लगाने से फोड़े-फुंसी आदि चर्म रोग और गांठ के रोग ठीक होते हैं.

अपामार्ग पौधे की दो प्रजातियां
डॉ आरसी द्विवेदी ने अपामार्ग के बारे में कहा कि इस पौधे की मुख्य दो प्रजातियां होती हैं, सफेद अपामार्ग और लाल अपामार्ग, जिनका प्रयोग चिकित्सा में किया जाता है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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