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Satna Famous Waterfalls: नए साल पर अगर आप लंबी दूरी की यात्रा के बजाय पास में ही खास अनुभव चाहते हैं तो सतना के आसपास मौजूद वाटरफॉल्स आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकते हैं. पहाड़ों से गिरता साफ पानी, ठंडी हवा और हरियाली से घिरे ये स्थल विंध्य क्षेत्र में प्रकृति के साथ सुकून भरा जश्न मनाने के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन हैं.
नया साल में अगर आप शांति, ताजगी और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच शुरू करना चाहते हैं तो सतना और आसपास के झरने आपके लिए आदर्श विकल्प हैं. शहर की भीड़, शोर और ट्रैफिक से दूर ये प्राकृतिक स्थल परिवार, दोस्तों और कपल्स सभी के लिए सुकून भरा अनुभव देते हैं.

सतना, रीवा और पन्ना से जुड़े ये जलप्रपात न सिर्फ पर्यटन स्थल हैं बल्कि विंध्य क्षेत्र की प्राकृतिक पहचान भी हैं. पहाड़ों, जंगलों और बहते पानी का संगम नए साल की शुरुआत को यादगार बना देता है यही वजह है कि हर साल इन जगहों पर पर्यटकों की संख्या बढ़ती जा रही है.

अपनी शांति और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाने वाला उचेहरा में स्थित राजा बाबा जलप्रपात जिसे स्थानीय लोग परसमनिया झरना कहते हैं. बिना किसी प्रवेश शुल्क के यह स्थान बजट ट्रिप के लिए उपयुक्त है. पास में उचेहरा किला और भरहुत स्तूप जैसे ऐतिहासिक स्थल भी घूमे जा सकते हैं.
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रामपुर पतेहरा या रामपुर पाठा झरना लगभग 30–40 फीट ऊंचाई से गिरता हुआ बेहद आकर्षक दृश्य प्रस्तुत करता है. झरने के पास शिव मंदिर और राधा कृष्ण मंदिर इसे धार्मिक और प्राकृतिक दोनों दृष्टि से खास बनाते हैं. शांत वातावरण इसे नए साल की पिकनिक के लिए बेहतरीन बनाता है.

रीवा मार्ग में मौजूद पुरवा जलप्रपात करीब 70 मीटर ऊंचाई से गिरता है और अपने रोमांचक दृश्य के लिए प्रसिद्ध है. रामायण काल से जुड़ा यह स्थल पिकनिक और फोटोग्राफी के लिए खास है. वहीं, यहां कई दुर्लभ पक्षियों का घर होने के साथ साथ ट्रैकिंग, रॉक क्लाइंबिंग और रैपलिंग जैसी एक्टिविटीज के लिए यह एक शानदार जगह है.

सतना से लगभग 65 किलोमीटर दूर झझौआ जलप्रपात प्राकृतिक सौंदर्य के साथ ऐतिहासिक महत्व भी रखता है. आसपास की गुफाओं में प्राचीन रॉक पेंटिंग्स इतिहास प्रेमियों को आकर्षित करती हैं. सर्दियों में यहां पानी का बहाव और मौसम घूमने के लिए बेहद अनुकूल रहता है.

बाघिन नदी के ऊपर बना ये झरना पन्ना और सतना के बीच स्थित है, न्यू ईयर में वैसे तो इस बुंदेलखंड के सबसे ऊंचे झरने यानी बृहस्पति कुंड में भारी भीड़ देखने को मिलती है. इसे भारत का नियाग्रा फॉल्स भी कहा जाता है और यहां ट्रेकिंग का आनंद भी पब्लिक खूब लेती है.

सतना और आसपास के ये जलप्रपात नए साल 2026 की शुरुआत को यादगार बनाने का बेहतरीन मौका देते हैं. प्रकृति, रोमांच, धार्मिक आस्था और इतिहास का संगम इन स्थलों को खास बनाता है. अगर आप सुकून और ताजगी चाहते हैं तो इन झरनों की सैर जरूर करें.