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10 unbreakable cricket records: क्रिकेट में सैकड़ों खिलाड़ियों ने अनगिनत रिकॉर्ड बनाए हैं. इनमें से कई रिकॉर्ड टूट चुके हैं जबकि कइयों का टूटना अभी बाकी है. कुछ महा रिकॉर्ड एक दिन में या एक पारी में हैं. ब्रायन लारा का 400 रनों का पहाड़ या रोहित शर्मा का वनडे में नाबाद 264 रन की पारी इनमें शामिल है. सर जैक हॉब्स ने फर्स्ट क्लास क्रिकेट में 199 शतक जड़े हैं वहीं सचिन तेंदुलकर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 शतक जड़े हैं जो लंबे समय से अटूट हैं.
क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) ने 100 इंटरनेशनल सेंचुरी बनाने वाले पहले और एकमात्र खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया. उनके इस रिकॉर्ड में 51 टेस्ट सेंचुरी और 49 वनडे सेंचुरी शामिल हैं. यह उपलब्धि इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके असाधारण कौशल और लंबे करियर का सबूत है. तेंदुलकर का 100 शतकों का सफर 1990 में इंग्लैंड के खिलाफ़ पहले टेस्ट शतक और 1994 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे शतक से शुरू हुआ था. उन्होंने अपने पूरे करियर में दोनों फॉर्मेट में रिकॉर्ड तोड़ना और नए स्टैंडर्ड बनाना जारी रखा. इतने सालों तक और दोनों फॉर्मेट में ऐसी कंसिस्टेंसी बनाए रखने की बड़ी चुनौती को देखते हुए यह सोचना मुश्किल है कि आने वाले समय में कोई भी खिलाड़ी इस उपलब्धि को पार कर पाएगा.

राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) टेस्ट क्रिकेट में कभी भी गोल्डन डक पर आउट नहीं हुए. 286 टेस्ट पारियों के दौरान द्रविड़ कभी भी अपनी पहली गेंद पर आउट नहीं हुए. यह अनोखा कारनामा हर गेंद को संभालने की उनकी जबरदस्त काबिलियत दिखाता है. द्रविड़ ने 164 टेस्ट मैच खेले जिसमें उन्होंने 52.31 की औसत से 13,288 रन बनाए. ‘द वॉल’ के नाम से मशहूर द्रविड़ ने 36 टेस्ट शतक जड़े. और यह सब बिना पहली गेंद पर आउट हुए किया. यह रिकॉर्ड डेविड गोवर (204) और जावेद मियांदाद (189) से कहीं आगे है.

वेस्टइंडीज के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा (Brian Lara) की गिनती दिग्गज बल्लेबाजों में होती है. बाएं हाथ के इस पूर्व बल्लेबाज ने साल 2004 में एंटीगा में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच की एक पारी में नाबाद 400 रन बनाए. लारा क्रिकेट के सबसे पुराने फॉर्मेट में एक पारी में 400 रन बनाने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं. उन्होंने 582 गेंदों पर ये रन बनाए. लारा की मैराथन पारी 778 मिनट तक चली.इस दौरान उन्होंने 43 चौके और चार छक्के लगाए.
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ब्रायन लारा के 400 रनों के महारिकॉर्ड के करीब हाल में साउथ अफ्रीका के बल्लेबाज वियान मुल्डर पहुंच गए थे. मुल्डर ने नाबाद 367 रन बनाए, जो टेस्ट मैच में 49 चौकों के साथ दूसरी सबसे तेज ट्रिपल सेंचुरी थी. हालांकि मुल्डर ने विंडीज के इस लेजेंड के सम्मान में लारा के रिकॉर्ड से 33 रन पहले ही पारी घोषित कर दी, जिससे वह खास रिकॉर्ड बरकरार रहे.

रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने 13 नवंबर 2014 को ईडन गार्डन्स में श्रीलंका के खिलाफ वनडे में 264 रन की पारी खेली थी. उन्होंने यह रिकॉर्ड पारी सिर्फ 173 गेंदों में खेली थी, जिसमें 33 चौके और 9 छक्के शामिल थे. इस रिकॉर्डतोड़ पारी के अलावा रोहित एकमात्र ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने वनडे क्रिकेट में तीन डबल सेंचुरी बनाई हैं. उनकी बाकी दो डबल सेंचुरी में 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 209 और 2017 में मोहाली में श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 208 रन शामिल हैं. वनडे इतिहास में किसी भी दूसरे खिलाड़ी ने एक से ज्यादा डबल सेंचुरी नहीं बनाई है.

<br />श्रीलंका के दिग्गज ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन (Muthiah Muralidaran) के नाम टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड है. मुरलीधरन ने 133 मैचों में सबसे ज्यादा 800 विकेट लिए हैं. उन्होंने 1992 से 2010 के बीच अपनी स्पिन और मिस्ट्री बॉलिंग से ये उपलब्धि हासिल की. आज के क्रिकेट में जहां कम टेस्ट मैच खेले जाते हैं, उनका रिकॉर्ड तोड़ना लगभग नामुमकिन लगता है. मुरलीधरन के नाम और भी कई बड़े रिकॉर्ड हैं, जिनमें टेस्ट में सबसे ज्यादा 10 विकेट लेने का रिकॉर्ड (22) और वनडे में सबसे ज्यादा विकेट (534) शामिल हैं.

इंग्लैंड के महान बल्लेबाज सर जैक हॉब्स (Jack Hobbs) ने अपने फर्स्ट क्लास क्रिकेट करियर में कुल 199 शतक लगाए. उन्होंने 1905 से 1934 तक 834 फर्स्ट-क्लास मैच खेले और 61,760 रन बनाए. उन्हें अब तक के सबसे महान ओपनिंग बल्लेबाजों में से एक माना जाता है. हॉब्स ने 62 टेस्ट मैचों में 56.94 की औसत से 5,410 रन भी बनाए, जिसमें 15 टेस्ट शतक शामिल हैं. उनके 199 फर्स्ट-क्लास शतकों का रिकॉर्ड अभी भी कायम है. मॉडर्न क्रिकेट जिस तेजी से चल रहा है उसे देखते हुए इसे तोड़ना मुश्किल है.

ऑस्ट्रेलिया के सर डोनाल्ड ब्रैडमैन (Don Bradman) के नाम टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक 99.94 के औसत से रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड दर्ज है. 20 साल के टेस्ट करियर में ब्रैडमैन ने 52 टेस्ट मैच खेले और 6,996 रन बनाए, जिसमें 29 शतक शामिल थे. इस दौरान उन्होंने 12 दोहरे शतक जड़े थे. यह भी एक ऐसा रिकॉर्ड है जो आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है. उन्होंने 1930 में एक ही टेस्ट सीरीज में 974 रन बनाए, जो एक और रिकॉर्ड है. ब्रैडमैन के इन रिकॉर्ड के बारे में कोई बल्लेबाज सोच भी नहीं सकता. क्रिकेट के बदलते स्वरूप को देखते हुए जिसमें अब छोटे फॉर्मेट और खिलाड़ियों पर शारीरिक और मानसिक दबाव ज्यादा है. ब्रैडमैन का 99.94 का करियर औसत क्रिकेट इतिहास में एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे तोड़ना नामुमकिन लगता है.

इंग्लैंड के क्रिकेटर विल्फ्रेड रोड्स (Wilfred Rhodes) टेस्ट मैच में सबसे अधिक उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी हैं. वह टेस्ट में डेब्यू करने वाले सबसे उम्रदराज खिलाड़ी हैं. अप्रैल 1930 में जब उन्होंने सबीना पार्क, किंग्स्टन में वेस्ट इंडीज के खिलाफ इंग्लैंड के लिए मैच खेला था, तब उनकी उम्र 52 साल और 165 दिन थी. खास बात यह है कि रोड्स ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए की थी, लेकिन बाद में उन्होंने एक ओपनर के तौर पर अपनी पहचान बनाई.

ऑस्ट्रेलिया के जेसन गिलेस्पी (Jeson Gillespie) के नाम बतौर नाइटवाचमैन सबसे बड़ी पारी खेलने का महारिकॉर्ड दर्ज है. गिलेस्पी ने चटगांव में बांग्लादेश के खिलाफ 2006 के टेस्ट मैच की एक पारी में नाबाद 201 रन बनाए. यह शानदार पारी इंटरनेशनल क्रिकेट में नाइटवॉचमैन द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है. गिलेस्पी ने दूसरी ही पारी में दोहरा शतक बनाया. उन्होंने इस दौरान माइकल हसी के साथ चौथे विकेट के लिए 320 रन की अहम पार्टनरशिप की.

इंग्लैंड के दिग्गज लेफ्ट-आर्म स्पिनर हेडली वेरिटी (Hadley Varity) के नाम गेंदबाजी में एक ऐसा रिकॉर्ड है जिसे आज तक कोई तोड़ नहीं पाया है. जुलाई 1932 में हेडिंग्ले में यॉर्कशायर के इस गेंदबाज ने यह रिकॉर्ड फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में बनाया था. वेरिटी ने 19.4 ओवर की अपनी गेंदबाजी में 16 मेडन ओवर डाले.इस दौरान उन्होंने नॉटिंघमशायर के खिलाफ एक पारी में 10 रन देकर 10 विकेट लिए. बॉलिंग के इस शानदार स्पेल में एक ऐसा दौर भी आया जब उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में सात विकेट लिए, जिसमें एक हैट्रिक भी शामिल थी. उनका 10 रन देकर 10 विकेट लेना आज भी बॉलिंग की परफेक्शन का सबसे बड़ा उदाहरण है. यह उपलब्धि मॉडर्न क्रिकेट में लगभग नामुमकिन है.