जबलपुर में शिमला मिर्च का रंग हरा नहीं…लाल और पीला, दाम 350 रुपये किलो

जबलपुर में शिमला मिर्च का रंग हरा नहीं…लाल और पीला, दाम 350 रुपये किलो


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Jabalpur News: घरों में बेल पेपर की डिमांड काफी कम होती है. रेस्टोरेंट और होटलों में इसकी डिमांड है. यही वजह है कि इस रंग-बिरंगी शिमला मिर्च की कीमत ज्यादा होती है. फिलहाल जबलपुर के सब्जी बाजार में इसकी कीमत 350 रुपये किलो है.

जबलपुर. अभी तक आपने मार्केट में हरे रंग की शिमला मिर्च देखी होगी लेकिन मध्य प्रदेश के जबलपुर में पीले और लाल रंग की शिमला मिर्च (बेल पेपर) देखकर आपको जरूर हैरानी होगी. इतना ही नहीं, दाम सुनकर भी आपके होश उड़ जाएंगे. दरअसल इसकी कीमत 350 किलो है. बेल पेपर विदेश और दिल्ली सहित हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और कर्नाटक से जबलपुर पहुंचती है. इस शिमला मिर्च का इस्तेमाल रेस्टोरेंट और होटलों में सलाद के रूप में किया जाता है, साथ ही चाइनीज डिशेज़ और बर्गर में भी इस रंग-बिरंगी शिमला मिर्च का इस्तेमाल किया जाता है.

जबलपुर की सब्जी मंडियों में हरे रंग की शिमला मिर्च के साथ ही लाल और पीले रंग की शिमला मिर्च भी दिखाई दे रही है. हालांकि इसकी डिमांड मार्केट में कम है, जिसके चलते कुछ दुकानों में ही लाल और पीले रंग की शिमला मिर्च देखने को मिलती है. हालांकि कुछ ग्राहकों को जरूर भ्रम होता है कि इन शिमला मिर्च में केमिकल का इस्तेमाल कर रंग किया जाता है लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होता. इन शिमला मिर्च की सप्लाई अलग-अलग राज्यों और विदेशों से देश के अधिकतर महानगरों में होती है.

सब्जी बनाने में कम, सलाद में ज्यादा इस्तेमाल
सब्जी व्यापारी राहुल सिंह ने लोकल 18 को बताया कि हरी शिमला मिर्च का इस्तेमाल सब्जी बनाने में किया जाता है लेकिन लाल और पीली शिमला मिर्च यानी बेल पेपर का इस्तेमाल सब्जियां बनाने में बहुत कम किया जाता है. रेस्टोरेंट और होटलों में अधिकतर इनका इस्तेमाल होता है, जिससे सलाद में रंग और स्वाद जोड़ने के साथ ही पिज्जा और पास्ता सहित चाइनीज व्यंजनों और चिली चिकन और वेजिटेबल फ्राइड राइस में लाल और पीले रंग की शिमला मिर्च देखने को मिलती है. स्वाद के मामले में बेल पेपर हरी शिमला मिर्च को टक्कर देती है.

डिमांड कम होने से रेट ज्यादा
उन्होंने आगे बताया कि घरों में लाल और पीली शिमला मिर्च की डिमांड काफी कम होती है बल्कि रेस्टोरेंट और होटलों में इसकी डिमांड होती है. यही कारण है कि बेल पेपर की कीमत ज्यादा होती है. फिलहाल जबलपुर के सब्जी मार्केट में इस शिमला मिर्च की कीमत 350 रुपये किलो है. मतलब सामान्य शिमला मिर्च से तीन गुना से ज्यादा. उन्होंने बताया कि कुछ ग्राहक ऐसे भी होते हैं, जो हरे रंग की शिमला मिर्च को देखने के बाद लाल और पीले रंग की शिमला को देख चौंक जाते हैं क्योंकि इस तरह की शिमला मिर्च बहुत कम ही देखने को मिलती है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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जबलपुर में शिमला मिर्च का रंग हरा नहीं…लाल और पीला, दाम 350 रुपये किलो



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