मधुसूदन मार्केट को मिनी रजवाड़ा से लेकर कहा जाता है खंडवा की धड़कन

मधुसूदन मार्केट को मिनी रजवाड़ा से लेकर कहा जाता है खंडवा की धड़कन


खंडवाः खंडवा शहर की एक छोटी सी लेकिन बेहद मशहूर गली है, जिसे लोग प्यार से खंडवा का मिनी राजवाड़ा भी कहते हैं. यह गली कोई आम बाजार नहीं है. यहां कदम रखते ही ऐसा लगता है जैसे महिलाओं की हर जरूरत को ध्यान में रखकर यह बाजार बसाया गया हो. साड़ी से लेकर सूट, चूड़ी से लेकर ब्यूटी प्रोडक्ट, अंडरगारमेंट से लेकर जूते-चप्पल तक, सब कुछ एक ही जगह और वो भी सस्ते दामों में मिल जाता है.

कहा जाता है खंडवा की धड़कन

मधुसूदन टावर गली जोकि सप्ताह के नाम पर बसे इस बाजार की पहचान अब सिर्फ एक दिन तक सीमित नहीं रही. यहां रोज महिलाओं की भारी भीड़ देखने को मिलती है. वजह साफ है कम बजट में अच्छी और टिकाऊ चीजें मिलना. इसकी शुरुआत बॉम्बे बाजार की गली से होती है और नाथू पंसारी की दुकान तक जाकर खत्म होती है. इस पूरे रास्ते में छोटी-बड़ी सैकड़ों दुकानें और ठेले लगे रहते हैं. हर दुकान पर कुछ नया, कुछ अलग और कुछ सस्ता देखने को मिल जाता है. यही वजह है कि इसे खंडवा की धड़कन भी कहा जाता है.

यहां खरीदारी कर रहीं ज्योति व्यास Local 18 को बताती हैं कि उन्हें इस बाजार से खास लगाव है. उनका कहना है कि महिलाओं के लिए जो भी सामान चाहिए, वह यहां आसानी से मिल जाता है. दाम भी इतने सही होते हैं कि बिना ज्यादा सोचे खरीदारी की जा सकती है. ज्योति कहती हैं कि वे हमेशा यहीं से खरीदारी करती हैं, चाहे सूट-साड़ी हो या अंडरगारमेंट, हर चीज यहां मिल जाती है.

महिलाओं के मिलते हैं पूरे सामान

मधुसूदन टावर सिर्फ कपड़ों तक ही सीमित नहीं है. यहां महिलाओं के सजने-संवरने का पूरा सामान मिलता है. काजल, बिंदी, लिपस्टिक, क्रीम, हेयर क्लिप, चूड़ियां, पायल, बिछिया शायद ही कोई चीज हो जो यहां न मिले. त्योहारों के समय तो इस बाजार की रौनक और भी बढ़ जाती है. हर दुकान रंग-बिरंगी चीजों से सजी नजर आती है. खरीदारी करने आए धीरज थरपाल बताते हैं कि यह बाजार महिलाओं के लिए किसी खजाने से कम नहीं है. उनके मुताबिक यहां सिर से लेकर पैर तक का हर सामान मिल जाता है और वो भी कई बार ऑनलाइन से भी सस्ता. उनका पूरा परिवार इसी बाजार से खरीदारी करता है. उनका दावा है कि खंडवा में इससे सस्ता और अच्छा बाजार शायद ही कहीं और हो.

हर वर्ग के लोग करते हैं खरीदारी

इस बाजार की खास बात यह है कि यहां हर वर्ग के लोग खरीदारी कर सकते हैं. कम बजट वाले ग्राहक भी यहां खुश नजर आते हैं और अच्छी क्वालिटी ढूंढने वाले भी. दुकानदार ग्राहकों से सीधे और अपनापन भरे अंदाज में बात करते हैं, जिससे खरीदारी और आसान हो जाती है. बाजार में दुकान चलाने वाले जवाहर सीतलानी बताते हैं कि यहां हर चीज सस्ते दामों पर दी जाती है। वे उदाहरण देते हुए बताते हैं कि कांच की चूड़ियां वे 30 रुपये दर्जन में बेचते हैं, जबकि यही चूड़ियां बाहर 50 रुपये में मिलती हैं. इसी तरह जूते-चप्पल, बच्चों के कपड़े, साड़ी और ब्यूटी प्रोडक्ट भी यहां कम दामों पर उपलब्ध हैं.

जवाहर कहते हैं कि सिर्फ उनकी दुकान ही नहीं, बल्कि पूरे मधुसूदन टावर गली की यही पहचान है कम मुनाफे में ज्यादा बिक्री. यही वजह है कि ग्राहक बार-बार लौटकर आते हैं. दुकानदार और ग्राहक के बीच भरोसे का रिश्ता बना हुआ है.



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