Indian Army Women Recruitment Process: इंडियन आर्मी और पुलिस में भर्ती होना आज भी लाखों युवाओं का सपना है. अब इस सपने को पूरा करने में लड़कियां भी किसी से पीछे नहीं हैं. देश सेवा का जज्बा, सही जानकारी और लगातार मेहनत हो, तो आर्मी और पुलिस में चयन पाना बिल्कुल संभव है.
भर्ती की शुरुआत होती है लिखित परीक्षा से
LOCAL 18 से बातचीत में पूर्व सैनिक और ट्रेनर अनिल पाटिल बताते हैं कि चाहे Indian Army हो या Police, या फिर ITBP, CISF, BSF जैसे बल सभी में भर्ती की प्रक्रिया लिखित परीक्षा से शुरू होती है. रिटन एग्जाम पास करने के बाद कैटेगरी के अनुसार कटऑफ तय होती है और उसी आधार पर आगे का मौका मिलता है.
फिजिकल टेस्ट में क्या-क्या देना होता है?
रिटन पास करने के बाद उम्मीदवारों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाता है.पुलिस भर्ती में लड़कियों के लिए 800 मीटर दौड़ 4 मिनट में.अब दौड़ पास-फेल नहीं, बल्कि नंबर सिस्टम पर होती है. गोला फेंक, लॉन्ग जंप
मिलिट्री पुलिस में लंबाई: 162 सेमी, वजन ऊंचाई के अनुसार, सीना कम से कम 5 सेमी फूलना जरूरी
आर्मी भर्ती में फिजिकल और मेडिकल
आर्मी भर्ती में भी रनिंग और कुछ बेसिक फिजिकल टेस्ट होते हैं. लड़कियों को बीम टेस्ट नहीं देना होता. तय फिजिकल मापदंड पूरे करना जरूरी. इसके बाद आता है मेडिकल टेस्ट, जो आर्मी में थोड़ा सख्त माना जाता है. मेडिकल पास होते ही उम्मीदवार को सीधे ट्रेनिंग सेंटर बुलाया जाता है.
अनुशासन और निरंतर अभ्यास
पूर्व सैनिक अनिल पाटिल कहते हैं कि अगर लड़कियां ठान लें और अनुशासन के साथ तैयारी करें, तो चयन बिल्कुल मुश्किल नहीं है. रोज सुबह 4 बजे उठकर अभ्यास, ठंड, गर्मी या बारिश की परवाह किए बिना ट्रेनिंग.आज कई लड़कियां अग्निवीर योजना के तहत भी आर्मी में चयनित हो रही हैं. बस जरूरी है देश सेवा का हौसला. मेहनत करें, खुद पर भरोसा रखें और वर्दी पहनने का सपना जरूर पूरा होगा.