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Ujjain News: विवाह में बहुत प्रयास के बाद भी देरी हो रही है, तो इस दोष को दूर करने के लिए पुत्रदा एकादशी के दिन तुलसी और शालिग्राम भगवान की पूजा जरूर करें. इससे न सिर्फ वैवाहिक जीवन में बल्कि पारिवारिक जीवन में भी विशेष लाभ होगा.
उज्जैन. नए साल की शुरूआत होने वाली है और हर व्यक्ति चाहता है कि हमारे आने वाला नया साल सुख-समृद्धि के साथ बीते और हमारे ऊपर देवी-देवताओं की कृपा बनी रहे. अक्सर देखा जाता है कि काफी लोग दान-पुण्य के साथ एकादशी व्रत रखते हैं. मान्यता है कि इस पावन व्रत को श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है. साल 2025 की अंतिम एकादशी पुत्रदा एकादशी है. उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित आनंद भारद्वाज के अनुसार, पुत्रदा एकादशी पर किया गया व्रत संतान सुख, पारिवारिक खुशहाली और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है. यह व्रत न केवल मनोकामनाओं की पूर्ति करता है बल्कि आर्थिक समृद्धि और मानसिक शांति भी प्रदान करता है. एकादशी पर तुलसी पूजन का भी विशेष महत्व है. अगर साल की अंतिम एकादशी पर तुलसी के कुछ अचूक उपाय कर लिए जाएं, तो आने वाला साल खुशियों से भर जाएगा.
ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज ने लोकल 18 से कहा कि वैदिक पंचांग के अनुसार पौष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी इस बार 30 दिसंबर 2025 को सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर शुरू होगी. इस तिथि का समापन अगले दिन 31 दिसंबर की सुबह पांच बजे होगा, इसलिए 30 दिसंबर को पुत्रदा एकादशी मनाई जाएगी. इस दिन भरणी नक्षत्र और सिद्ध का विशेष संयोग बना रहेगा.
जरूर करें ये उपाय
1. नौकरी में अगर बहुत प्रयास के बाद भी विघ्न-बाधा आ रही है, तो पुत्रदा एकादशी के दिन तुलसी पर 11, 21 या 51 दीपक जलाकर तुलसी चालीसा का पाठ करना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से सारी बाधाएं दूर होती हैं.
2. पुत्रदा एकादशी के दिन तुलसी के पौधे पर कलावा चढ़ाएं. इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है, जिससे सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
3. वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि के लिए तुलसी के पौधे को 16 श्रृंगार की सामग्री अर्पित करना लाभकारी होता है. इससे वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है.
4. बहुत प्रयास के बाद भी विवाह में देरी हो रही है, तो इसको दूर करने के लिए पुत्रदा एकादशी के दिन तुलसी और शालिग्राम भगवान की पूजा अवश्य करें. इससे न केवल वैवाहिक जीवन में बल्कि पारिवारिक जीवन में भी विशेष लाभ प्राप्त होता है.
एकादशी के दिन भूल से भी न करें ये काम
एकादशी व्रत के दिन अन्न का सेवन नहीं करना चाहिए. एकादशी का व्रत नहीं रखने वालों को भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए. एकादशी व्रत के दिन बाल, नाखून और दाढ़ी कटवाने की भूल न करें. व्रत के दिन ब्राह्मणों को कुछ दान अवश्य करना चाहिए. एकादशी व्रत के पारण करने के बाद अन्न का दान करना शुभ माना गया है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.