ट्रक में लादा बर्तन, 800 km का सफर कर जबलपुर आए 30 परिवार, अब तीन महीने में 50 लाख कमाकर लौटेंगे, जानें कैसे

ट्रक में लादा बर्तन, 800 km का सफर कर जबलपुर आए 30 परिवार, अब तीन महीने में 50 लाख कमाकर लौटेंगे, जानें कैसे


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Iron Utensils Business: राजस्थान के 30 परिवार, 50 लोग ट्रक में 800 किमी सफर कर जबलपुर पहुंचे हैं, जहां वे सड़क किनारे लोहे के घरेलू बर्तन बेचकर 3 महीने में 40-50 लाख का व्यापार करते हैं. जानें इस बिजनेस का पूरा सिस्टम क्या है…

Jabalpur News: एक तरफ MP के लोग राजस्थान के जैसलमेर नए साल का जश्न मनाने पहुंच रहे हैं, वहीं जबलपुर की सड़कें इन दिनों राजस्थान में बने बर्तनों से गुलजार हैं. 30 से ज्यादा परिवारों के हाथों से बने घरेलू बर्तन और 50 से ज्यादा लोग ट्रक में सावर होकर राजस्थान से जबलपुर पहुंचे हैं. ये राजस्थानी परिवार तकरीबन 800 किलोमीटर का सफर तय कर व्यापार करने आए हैं, जो जबलपुर के कई इलाकों में घरेलू बर्तन, फुटपाथ किनारे बेचने का काम कर रहे हैं.

जिन बर्तनों को जबलपुर के लोग काफी पसंद भी कर रहे हैं. दरअसल, राजस्थान के छोटे व्यापारी ठंड के दरमियान जबलपुर जैसे बड़े शहरों में पहुंचते हैं. प्रत्येक परिवार एक लाख से लेकर डेढ़ लाख के बर्तनों को राजस्थान में ही बनाते हैं. फिर, उन्हीं बर्तन को ट्रक में लोड करते हैं और बड़े शहरों की ओर रुख करते हैं. यह परिवार सड़क किनारे पेन, तसला, तवा, कढ़ैया, चूल्हा से लेकर खलबट्टा बेचने का काम करते हैं.

ठंड डेरा डालते हैं राजस्थानी
राजस्थान से जबलपुर पहुंचे कमलेश चौहान ने लोकल 18 को बताया, चित्तौड़गढ़ से जबलपुर शहर आए हैं. करीब 800 किलोमीटर का सफर तय कर 30 परिवार पहुंचे हैं. इसमें 50 लोग हैं. सफर ट्रक में बैठकर पूरा करते हैं. हर साल किसी न किसी बड़े शहर में व्यापार करने जाते हैं. इस बार जबलपुर आए हुए हैं. यहां राजस्थान के घरेलू बर्तन सड़क किनारे बेचने का काम कर रहे हैं. यह बर्तन राजस्थान में घर में ही तैयार करते हैं और ट्रक में लोड कर किसी न किसी शहर में पहुंचते हैं. हर परिवार अपने साथ तकरीबन 1 लाख से लेकर डेढ़ लाख का माल लेकर आता है.

दोगुनी कमाई, लाखों का व्यापार
उन्होंने बताया, तीन से चार महीने सड़क किनारे ही तंबू लगाकर परिवार के साथ गुजर-बसर करते हैं. माल खत्म होने के बाद गर्मी के पहले ही वापस घर लौट जाते हैं. इस दौरान हर परिवार की दोगुनी कमाई होती है. 3 महीने में ही सभी परिवार कुल मिलाकर 40 से 50 लाख के बर्तन शहर में आसानी से बेच दिया करते हैं. उन्होंने बताया सभी घरेलू बर्तन लोहे के बने होते हैं, जिससे कोई भी नुकसान नहीं होता है.

100 से 2 हजार कीमत के बर्तन
लोहे के बने इन बर्तनों में छोटे से लेकर बड़े आकार के बर्तन हैं. इनकी कीमत अलग-अलग है. इनमें पेन की कीमत 450 से लेकर 350 रुपये, तसला 200 से 400 रुपए तक, तवा 250 से शुरू होकर 400 तक, कढ़ाई 350 से 2 हजार तक, चूल्हा 500 रुपए और खलबट्टा 500 में है. इनके अलावा भी कई बर्तन राजस्थानी परिवार जबलपुर शहर लेकर पहुंचे हुए हैं.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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ट्रक में लादा बर्तन, 800 km से जबलपुर आए 30 परिवार, 3 महीने में कमाएंगे 50 लाख



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