तुलसी के पौधे को हमेशा साथ रखती हैं यह शिक्षिका, पति की तरह मानकर रखती है व्रत

तुलसी के पौधे को हमेशा साथ रखती हैं यह शिक्षिका, पति की तरह मानकर रखती है व्रत


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Burhanpur news: शाहपुर क्षेत्र में रहने वाली प्रभा सुनील बालकर से बात की तो उन्होंने बताया कि मैं सरकारी शिक्षिका हूं मैं जब भी अपने घर से कहीं बाहर निकलती हूं तो तुलसी का पौधा अपने साथ में ही रखती हूं और लेकर जाती हूं तुलसी के पौधे से मुझे बड़ा लगाव है मैं उसको पति वार्ता मानकर अपने साथ रखती हूं.

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बुरहानपुर: शाहपुर में रहने वाली प्रभा सुनील बालकर जो की सरकारी शिक्षिका है. उनका कहना है कि 2009 से मुझे तुलसी के पौधे से ऐसा लगाव हो गया है कि मैं जितने भी समय बाहर रहती हूं. उस समय तक मेरे साथ तुलसी का पौधा रहता है और जब भी मैं कोई धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए जाती हूं तो मैं यह तुलसी का पौधा अपने सिर पर रखकर नृत्य करती हूं.

मुझे बड़ा आनंद आता है और मैं यह 2009 से कर रही हूं यह मुझे कलाकारी गॉड गिफ्ट मिली है. तुलसी का पौधा आज तक गिरा नहीं है मैं गरबा भी खेल लेती हूं. शिक्षिका का कहना है कि जिस तरह से हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे का बहुत महत्व होता है, उसी तरह मैं तुलसी के पौधे से बहुत प्रेम करती हूं.

हमेशा मेरे साथ होता है तुलसी का पौधा

शाहपुर क्षेत्र में रहने वाली प्रभा सुनील बालकर ने लोकल18 बात की तो उन्होंने बताया कि मैं सरकारी शिक्षिका हूं. मैं जब भी अपने घर से कहीं बाहर निकलती हूं तो तुलसी का पौधा अपने साथ में ही रखती हूं लेकर जाती हूं. तुलसी के पौधे से मुझे बड़ा लगाव है मैं उसको पति वार्ता मानकर अपने साथ रखती हूं. दिन में यदि मैं 10 घंटे भी बाहर रहती हूं तो 10 घंटे तुलसी का पौधा मेरे साथ रहता है. और जब मैं धार्मिक आयोजनों में जाती हूं तो यह तुलसी का पौधा अपने सिर पर रखकर नृत्य करती हु आज तक यह पौधा गिरा नहीं है मैं 2009 से तुलसी के पौधे को लेकर अपने साथ घूम रही हूं.

मीरा की तरह लागी लगन

जिस तरह से मीरा को भगवान श्री कृष्ण की लगन लग गई थी उसी तरह से मुझे भी तुलसी के पौधे से इस तरह की लगन लग गई है और तुलसी का पौधे का महत्व काफी ज्यादा है. हिंदू संस्कृति में पतिव्रता माना जाता है इसलिए मैं पतिव्रता मानकर ही अपने साथ इस तुलसी के पौधे को रखती हूं मैं जब कई घूमने के लिए जाती हूं तब भी साथ ले जाती हूं. यह देखकर लोग मुझसे कई बार यह बात भी पूछ लेते हैं. और मैं धार्मिक आयोजनों में अपने सिर पर ही तुलसी का पौधा लेकर चलती हूं.

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Rajneesh Kumar Yadav

मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

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