नाम अजीब, काम गजब! ये कांटेदार पौधा आंख-कान से लेकर खांसी तक का रामबाण इलाज, डॉक्टर भी मानते कारगार

नाम अजीब, काम गजब! ये कांटेदार पौधा आंख-कान से लेकर खांसी तक का रामबाण इलाज, डॉक्टर भी मानते कारगार


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Ayurvedic treatment for cough: रीवा के जंगलों में पाया जाने वाला सेहुंड पौधा आयुर्वेद का बड़ा खजाना है. इसे आंख-कान और खांसी का देसी इलाज माना जाता है. खासकर इसके तने और पत्तों की शाखाओं से निकलने वाले दूध में कई तरह की बीमारियों से लड़ने के गुण पाए जाते हैं.

Thuhar plant uses: विंध्य क्षेत्र के रीवा जिले में मौजूद पहाड़ी जंगल और बीहड वाले क्षेत्रों में कई ऐसे औषधीय गुणों से भरपूर पेड पौधे मिले हैं, जो दुर्लभ हैं आज के समय में मिल पाना. यह रीवा का सौभाग्य है कि प्रकृति ने उसे इतना सम्पन्न बनाया है. कई ऐसे पेड़ पौधे हैं जिनकी पत्तियां आयुर्वेद में बहुत ही लाभदायक मानी जाती हैं. ऐसा ही सेहुंड का पेड़ है, जिसका नाम आपको अजीब लग सकता है. इस कांटेदार झाड़ी को हिंदी में थूहर के नाम से भी जाना जाता है.

मुख्य रूप से ग्रामीण आंचल में यह बाग बगीचों के किनारे बाड़ के इस्तेमाल के रूप में उगाया जाता है, लेकिन यह औषधीय गुणों से भरपूर है. साथ ही यह इंसान की तमाम बीमारियों को जड़ से खत्म करने में मददगार है. इस पेड़ के तने और पत्तों की शाखाओं से निकलने वाले दूध में कई तरह की बीमारियों से लड़ने के गुण पाए जाते हैं.

इन बीमारियों में लाभदायक
रीवा आयुर्वेद हॉस्पिटल के डीन डाॅक्टर दीपक कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सेहुंड के पत्तों का प्रयोग आंखों में दर्द, सूजन और लाल होने की परेशानी दिलाता है. इस पेड़ से निकलने वाले झीर (दूध) से इलाज किया जाता है. साथ ही बताया कि सर्दी लगने पर इसके पत्तों को गर्म करके प्रयोग किया जाता है, तो यह खांसी के लिए भी रामबाण यह पौधा है. वहीं, इसकी मोटी कोमल पत्तियों को गर्म करके इसका रस यानि दूध निकालकर गुड़ के साथ मिलाकर पिलाने से बच्चों को उल्टी में भी फायदा मिलता है. यह 9 मीटर ऊंचा पौधा अपने औषधीय गुणों की वजह से खास पहचान रखता है. इस पौधे का गूदा और रस शरीर की विभिन्न बीमारियों से निपटने में काम आता है.

बहरेपन की समस्या के लिए भी रामबाण
डाॅ. कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सेहुंड का प्रयोग कान दर्द, कान से रस बहना, बहरेपन की समस्या जैसे अनेकों रोगों में किया जाता है. दरअसल इसके छिलका रहित तने को आग पर गर्म करने के बाद उसका रस निकालकर एक से दो बूंद कान में डालने से कान के दर्द से राहत मिलती है. साथ ही बताया कि बदलते मौसम के साथ ही बच्चों से लेकर बड़ों तक खांसी की समस्या होती है. सेहुंड की पत्तियों का इस्तेमाल करके खांसी और जुकाम से निजात पा सकते हैं. पत्तों के रस को निकाल कर सेवन किया जाता है. साथ ही डॉक्टर कुलश्रेष्ठ ने बताया कि सेहुंड के पत्तों के लेप से बवासीर जैसी बीमारी से निजात मिलती है. हालांकि इसका उपयोग डॉक्‍टर की बिना सलाह के न करें.

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Dallu Slathia

Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 7 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें

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