Melbourne Test: ये पिच थी या मजाक…2 दिन के अंदर गिरे 36 विकेट…आखिर पिच में ऐसा था क्या? जिसने करा दी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की थू-थू

Melbourne Test: ये पिच थी या मजाक…2 दिन के अंदर गिरे 36 विकेट…आखिर पिच में ऐसा था क्या? जिसने करा दी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की थू-थू


Opinion on Melbourne Test: क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की थू-थू तो होनी ही चाहिए. हम ऐसा यूं ही नहीं कर रहे, इसके पीछे की वजह है कि मेलबर्न टेस्ट, जो इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुआ, उसकी पिच ने जो रंग दिखाया, उससे हर कोई हैरान है. 5 दिनों तक चलने वाला टेस्ट सिर्फ 2 दिनों के भीतर खत्म हो गया. जी हां, इस टेस्ट में कुल 36 विकेट गिरे. पहले दिन 20 विकेट गिरे थे, फिर दूसरे दिन भी विकेटों का पतन जारी रहा और दोनों टीमों के मिलाकर 16 विकेट गिर गए. भला ऐसा भी कहीं होता है? ये तभी हो सकता है जब पिच ठीक न हो. मतलब ऐसी पिच बनाई गई हो, जहां एकतरफा गेंदबाजों को मदद थी. मेलबर्न में खेले गए बॉक्सिंग डे टेस्ट में जब विकेटों की झड़ी लगी तो क्रिकेट फैंस लेकर इस खेल के दिग्गज भी हैरान रह गए. चूंकि ऑस्ट्रेलिया सीरीज के पहले तीनों टेस्ट जीत चुकी थी, उसके बाद भी ऐसी पिच बनाना समझ से परे था.

अब जब ऑस्ट्रेलिया मैच हार गई तो क्रिकेट जगत में उसकी थू-थू हो रही है. इस पिच को क्रिकेट के दिग्गजों ने मजाक करार दिया है. दिया भी जाना चाहिए, क्योंकि मेलबर्न टेस्ट की हरी-भरी पिच पर तेज गेंदबाजों का पूरा दबदबा रहा. पहले 3 पारियां तो महज 5 सेशन में ही खत्म हो गईं. चौथी पारी में इंग्लैंड ने दूसरे सेशन में मैच जीत लिया. कोई भी टीम चारों पारियों में एक दफा भी 200 रनों का आंकड़ा नहीं छू पाई. हैरानी की बात ये रही कि चार पारियों में दोनों टीमों के 26 बल्लेबाजों में से कोई एक भी फिफ्टी पूरी नहीं कर पाया. यही वजह है कि पिच पर बवाल मचा हुआ है.

दिग्गजों ने जो कहा सही कहा

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने मेलबर्न टेस्ट की पिच को मजाक बताया और सवाल खड़े किए. उन्होंने साफ-साफ लिखा कि यह पिच एक मजाक है. यह खेल को छोटा कर रही है. खिलाड़ियों, ब्रॉडकास्टर्स और सबसे अहम बात फैंस, सभी के साथ नाइंसाफी है. सिर्फ 98 ओवरों में 26 विकेट गिर गए. अकेले वॉन ऐसे नहीं हैं, जिन्होंने क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की पोल खोली है. इंग्लैंड के पूर्व दिग्गज केविन पीटरसन को भी यह समझ से परे लगा. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि किसी टेस्ट के पहले दिन विकेट धड़ाधड़ गिरते हैं तो भारत को हमेशा आलोचना झेलनी पड़ती है और इसलिए मुझे उम्मीद है कि ऑस्ट्रेलिया को भी वैसी ही जांच का सामना करना पड़ेगा. जो सही है, वह सही है.

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दरअसल, जब कभी भी भारत में कोई टेस्ट 4 या उससे कम दिनों के अंदर खत्म होता है तो इसी क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर सवालों की बौछार करते हैं. रिकी पोंटिंग से लेकर मैथ्यू हेडन और एडम गिलक्रिस्ट जैसे दिग्गज अपने बयानों से बखेड़ा खड़ा करते रहे हैं. कई बार बीसीसीआई की आलोचना भी की है, लेकिन अब ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर एक टेस्ट 2 दिनों के भीतर खत्म हो गया तो शायद कोई कुछ न बोले, क्योंकि अगर बोलेंगे तो खुद के देश के क्रिकेट बोर्ड की बेइज्जती होगी.

आखिर पिच बल्लेबाजों के लिए कब्रगाह क्यों साबित हुई?

अब सवाल ये कि आखिर पिच बल्लेबाजों के लिए कब्रगाह क्यों साबित हुई? इस सवाल का जवाब खंगालें तो जो इनपुट मिले हैं, वो ये हैं कि क्यूरेटर ने मेलबर्न की पिच में करीब 10 मिलीमीटर घास छोड़ी, जो सामान्य से काफी ज्यादा है. पिछले साल इसी मैदान पर भारत के खिलाफ मैच में सिर्फ 7 मिलीमीटर घास थी, जो पांचवें दिन तक रोमांचक रही, लेकिन घास ज्यादा होने के चलते गेंदबाजों को काफी ज्यादा मदद मिली. नतीजा ये हुआ कि यह बल्लेबाजों के लिए कब्रगाह बन गई, जहां एक-एक रन के लिए बैटर तरसते रहे. ज्यादा घास के कारण गेंद लगातार सीम मूवमेंट कर रही थी. नतीजा ये हुआ कि बल्लेबाजों का जीना मुहाल हो गया. कुल मिलाकर, मैच का नतीजा सिर्फ 2 दिन में ही निकल गया.

फैंस के साथ धोखा

ये कहना गलत नहीं होगा कि ऐसी पिच बनाकर क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने न सिर्फ टेस्ट क्रिकेट बल्कि फैंस के साथ भी धोखा किया है. क्योंकि फैंस पूरे 5 दिन का मजा लेने की उम्मीद में टिकट लेकर मैच देखने जाते हैं. अगर बढ़िया खेल हो तो टेस्ट कम से कम 4 दिनों तक तो चलता है, लेकिन मेलबर्न टेस्ट दो दिन भी नहीं चला. पिच घटिया होने की वजह से न सिर्फ फैंस के साथ धोखा हुआ बल्कि यह टेस्ट क्रिकेट की विरासत के साथ भी एक तरह का खिलवाड़ है. इस मुकाबले के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया 152 रन पर ऑलआउट हुई, जवाब में इंग्लैंड सिर्फ 110 रन ही बना सकी. दूसरे दिन भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला और ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी भी 132 रन पर सिमट गई. इंग्लैंड को जीत के लिए 175 रनों का टारगेट मिला, जिसका पीछा करते हुए इंग्लैंड टीम ने भी 6 विकेट गंवा दिए. हालांकि उसने आखिरकार 4 विकेट से जीत हासिल कर ली.

1902 के बाद दिखा ऐसा दिन

इस मुकाबले के पहले दिन 20 विकेट गिरे थे. ऐसा पहले कभी नहीं हुआ था. इससे पहले बॉक्सिंग डे टेस्ट में सबसे ज्यादा विकेट गिरने का रिकॉर्ड 18 विकेट का था, जो 1998 के एशेज मैच में बना था. पहले दिन सबसे ज्यादा विकेट गिरने के मामले में टेस्ट का ऑल-टाइम रिकॉर्ड लॉर्ड्स में 1888 में बना था, तब एशेज टेस्ट में 27 विकेट गिरे थे. यहां ये भी जान लेना चाहिए कि 1902 के बाद ये पहली दफा था कि इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया टेस्ट के एक दिन के खेल में कम से कम 20 विकेट गिरे.

847 गेंदों में खत्म हुआ मेलबर्न टेस्ट

एक आंकड़ा ये भी निकला है कि मेलबर्न टेस्ट सिर्फ 847 गेंदों में खत्म हो गया. ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 45.2 ओवर खेले, जबकि इंग्लैंड ने 29.5 ओवर लिए. फिर दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया ने 34.3 ओवर खेले और इंग्लैंड ने 32.2 ओवर मेंमैच खत्म कर दिया. इस तरह इस मैच में मात्र 847 गेंदें फेंकी गईं और यह ऑस्ट्रेलिया के इतिहास का चौथा सबसे छोटा टेस्ट मैच बन गया.

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