गोली-कैप्सूल नहीं… ₹25 की थेरेपी से दूर होगी अनिद्रा, सिरदर्द, माइग्रेन, थकान! सिर्फ इन अस्पतालों में सुविधा

गोली-कैप्सूल नहीं… ₹25 की थेरेपी से दूर होगी अनिद्रा, सिरदर्द, माइग्रेन, थकान! सिर्फ इन अस्पतालों में सुविधा


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सरकारी आयुर्वेद अस्पतालों में जड़ी-बूटियों के जरिए कई गंभीर रोगों का इलाज किया जाता है. शिरोधारा थेरेपी भी उन्हीं प्रभावी उपचार पद्धतियों में से एक है. यह थेरेपी अनिद्रा के साथ-साथ सिरदर्द, माइग्रेन, मानसिक तनाव और चिंता जैसी समस्याओं में भी कारगर साबित होती है. जानें और क्या खास….

Health Tips: देर रात तक मोबाइल का इस्तेमाल, काम का बढ़ता तनाव, बदलती लाइफस्टाइल और मानसिक दबाव के चलते बड़ी संख्या में लोग अनिद्रा यानी नींद न आने की समस्या से जूझ रहे हैं. हालात ऐसे हो चुके हैं कि कई लोगों को पूरी रात बिस्तर पर करवटें बदलते हुए गुजारनी पड़ती है. थक-हारकर लोग नींद की गोलियों का सहारा लेने लगते हैं. लेकिन, बहुत कम लोग जानते हैं कि आयुर्वेद में अनिद्रा की समस्या को दूर करने के लिए एक सस्ती, सुरक्षित और असरदार थेरेपी है, जिसका खर्च 25 रुपये आता है.

डॉक्टरों के अनुसार, हर स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना 7-8 घंटे की पर्याप्त और गहरी नींद लेनी चाहिए. लेकिन, भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग पूरी नींद नहीं ले पाते हैं. इसका सीधा असर मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है. लोग चिड़चिड़े हो जाते हैं, छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आने लगता है और काम में मन नहीं लगता. साथ ही सिरदर्द, माइग्रेन, थकान और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं. वहीं, अनिद्रा की परेशानी से छुटकारा पाने के लिए लोग अक्सर एलोपैथिक दवाओं का लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं, जो कई बार हानिकारक साबित हो जाती है.

कहां मिलेगी ये थैरेपी 
MP में खरगोन के आयुर्वेद विशेषज्ञ (एमडी) डॉ. संतोष मौर्य बताते हैं कि सरकारी आयुर्वेद अस्पतालों में जड़ी-बूटियों के जरिए कई गंभीर रोगों का इलाज किया जाता है. शिरोधारा थेरेपी भी उन्हीं प्रभावी उपचार पद्धतियों में से एक है. यह थेरेपी अनिद्रा के साथ-साथ सिरदर्द, माइग्रेन, मानसिक तनाव और चिंता जैसी समस्याओं में भी कारगर साबित होती है. खास बात यह है कि यह इलाज सभी सरकारी आयुर्वेद अस्पतालों में उपलब्ध है.

कैसे काम करती है थैरेपी 
डॉ. मौर्य के अनुसार, शिरोधारा थेरेपी में जटामांसी, ब्राह्मी जैसी औषधियों को मिलाकर एक विशेष काढ़ा तैयार किया जाता है. इस काढ़े की एक पतली और लगातार धारा मरीज के सिर के एक निश्चित बिंदु पर डाली जाती है. इसी दौरान हल्की मसाज भी की जाती है. इससे सिर की नसें सक्रिय होती हैं और तंत्रिका तंत्र पर गहरा प्रभाव पड़ता है. नर्व सिस्टम शांत होने लगता है, जिससे दिमाग को आराम मिलता है और नींद आने की प्रक्रिया स्वाभाविक रूप से बेहतर हो जाती है.

अनिद्रा के साथ इन बीमारियों में भी लाभ
यह थेरेपी अनिद्रा से पीड़ित मरीजों के लिए बेहद लाभकारी है. कई मामलों में मरीजों को कुछ ही दिनों में नींद की समस्या में सुधार महसूस होने लगता है. शिरोधारा थेरेपी न सिर्फ नींद की गुणवत्ता को बेहतर बनाती है, बल्कि मानसिक थकान और तनाव को भी काफी हद तक कम करती है. इस थेरेपी को आमतौर पर 7 से 10 दिन तक किया जाता है. रोजाना करीब 30 मिनट तक उपचार दिया जाता है. जरूरत पड़ने पर मरीज को आयुर्वेदिक औषधियां भी दी जाती हैं, जो अस्पताल से मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती हैं.

25 रुपए में मिलेगी राहत
पूरे इलाज के लिए मरीज को सिर्फ रोगी कल्याण समिति की 5 रुपये की चिट्ठी कटवानी होती है और शिरोधारा थेरेपी के लिए महज 25 रुपये शुल्क देना पड़ता है. डॉ. मौर्य का कहना है कि नियमित दिनचर्या, संतुलित भोजन और शिरोधारा थेरेपी के साथ अधिकांश मरीज अनिद्रा की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं. ऐसे में अगर आप भी नींद न आने की परेशानी से जूझ रहे हैं और दवाओं पर निर्भर नहीं रहना चाहते, तो आयुर्वेद की यह सस्ती और असरदार थेरेपी आपके लिए एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती है.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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गोली-कैप्सूल नहीं…₹25 की थेरेपी से दूर होगी अनिद्रा, सिरदर्द, माइग्रेन, थकान

Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.



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