झाबुआ में आदिवासी समाज सुधार संगठन की बैठक में 500 से अधिक तडवी पटेलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शादियों में होने वाली फिजूलखर्ची रोकने का संकल्प लिया है। थांदला क्षेत्र के खवासा मंडल में आयोजित ‘3D मिशन’ के तहत अब विवाह समारोहों में डीजे, दहेज और द
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इस मिशन का मुख्य उद्देश्य डीजे (DJ), दहेज और दारू (शराब) पर होने वाली फिजूलखर्ची को रोकना है। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह मिशन किसी परंपरा के खिलाफ नहीं है, बल्कि उस सामाजिक दबाव के विरुद्ध है जो गरीब परिवारों को कर्ज लेने पर मजबूर करता है।
बैठक में बताया गया कि शादी की कुछ घंटों की चकाचौंध के लिए परिवार सालों तक कर्ज चुकाते हैं, जिससे बच्चों की शिक्षा और भविष्य प्रभावित होता है। ‘3D मिशन’ का लक्ष्य इसी सोच को बदलना और समाज को कर्ज के दलदल से बाहर निकालना है।
तडवी पटेलों ने बैठक में लिया संकल्प।
पिछले वर्ष इस मिशन के उत्साहजनक परिणाम सामने आए थे। कई गांवों में डीजे और शराब के बिना सादगीपूर्ण विवाह संपन्न हुए, जिससे परिवारों की लाखों रुपए की बचत हुई। इसी सफलता को देखते हुए इस साल अभियान को और अधिक मजबूती से लागू करने का निर्णय लिया गया है।
बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य खर्च करेंगे रुपए
खवासा क्षेत्र के सभी तडवी पटेलों ने नियमों का पालन करने और उन्हें गांव-गांव तक पहुंचाने की शपथ ली। साथ ही, फिजूलखर्ची से बचने वाले पैसे को बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर खर्च करने की अपील भी की गई। समाज सुधारक संगठन के नेतृत्व में पूरा समाज इस पहल के लिए एकजुट नजर आया।
इस महत्वपूर्ण बैठक में संगठन के संस्थापक श्यामा ताहेड़, जिला सचिव दिलीप मेडा (मेघनगर), अध्यक्ष मेहताब डामोर, उपाध्यक्ष प्रताप ताहेड़, प्रमुख कार्यकर्ता शांतु बारिया, रामचंद्र गणावा, पूर्व जनपद अध्यक्ष चेनसिंह डामोर, रूपसिंह महाराज, दिनेश चारेल और रमेश कतिजा सहित खवासा क्षेत्र के अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ समाजसेवी उपस्थित रहे।