संतोषी माता मंदिर में 173 व्यंजनों का भव्य महाभोग, विश्व में गूंजा भक्ति का संदेश, गोल्डन बुक में दर्ज नाम

संतोषी माता मंदिर में 173 व्यंजनों का भव्य महाभोग, विश्व में गूंजा भक्ति का संदेश, गोल्डन बुक में दर्ज नाम


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Santoshi Mata Temple: महाकाल की नगरी उज्जैन में शिव के साथ शक्ति भी विराजमान है. शुक्रवार को उज्जैन के संतोषी माता मंदिर मे वर्ल्ड रिकॉर्ड देखने को मिला. जैसे ही रिकॉर्ड दर्ज हुआ मंदिर परिसर जयकारों से गूंज उठा.

Santoshi Mata Temple: विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल के नगरी जिसे धार्मिक नगरी के नाम से भी जाना जाता है. यहा शुक्रवार का दिन आस्था, श्रद्धा और परंपरा के नाम रहा. जिसमें हरसिद्धि मंदिर के पीछे स्थित प्रसिद्ध संतोषी माता मंदिर में एक ऐसा अद्भुत आयोजन देखने को मिला, जिसने पूरे शहर के साथ-साथ देशभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. यहां बिना खटाई के महाभोग अर्पित कर एक ऐतिहासिक वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया, जो गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ.

जानिए किस चीज का बना वर्ल्ड रिकॉर्ड 
संतोषी माता मंदिर में आयोजित इस विशेष महोत्सव के दौरान माता को बिना खटाई के 173 प्रकार के व्यंजन भोग के रूप में अर्पित किए गए. यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि परंपरा और भक्ति के प्रति लोगों की गहरी आस्था को भी दर्शाता है. सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया. शाम को जैसे ही मंदिर के नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज मंदिर परिसर जय संतोषी माता के जयकारों से गूंज उठा.

नहीं लगता माता को खटाई का भोज 
मंदिर के मुख्य पुजारी मनोज पुरी गोस्वामी ने बताया कि संतोषी माता को प्रसन्न करने के लिए बिना खटाई का भोग चढ़ाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है. उन्होंने कहा कि यह पहला अवसर है जब माता को इतनी बड़ी संख्या में व्यंजन अर्पित किए गए. शुरुआत में 156 व्यंजनों का भोग लगाने की योजना थी, लेकिन श्रद्धालुओं की सहभागिता और उत्साह के चलते शाम तक यह संख्या बढ़कर 173 तक पहुंच गई. शाम के समय ढोल-नगाड़ों की गूंज और मंत्रोच्चार के बीच भव्य महाआरती का आयोजन किया गया. जैसे ही आरती शुरू हुई, माता के सामने सजे 173 प्रकार के भोग से पूरा गर्भगृह व्यंजनों से भर गया. दृश्य इतना भव्य था कि श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे. आरती के दौरान शुद्धता, श्रद्धा और वैदिक विधि-विधान का विशेष ध्यान रखा गया.

मंदिर के नाम गोल्डन बुक ऑफ रिकार्ड मे दर्ज 
इस आयोजन के साक्षी बनने के लिए गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड की टीम भी शाम को मंदिर पहुंची. टीम द्वारा भोग की विधिवत काउंटिंग की गई, जिसके बाद संतोषी माता मंदिर का नाम आधिकारिक रूप से रिकॉर्ड में दर्ज होने की घोषणा की गई. रिकॉर्ड दर्ज होने की खबर मिलते ही मंदिर परिसर में जयकारों की गूंज सुनाई देने लगी और आतिशबाजी कर खुशी का इजहार किया गया. इस विशेष अवसर पर मंदिर परिसर में स्थित 84 महादेवों में से एक प्राचीन श्री अगस्त्येश्वर महादेव को भी महाभोग अर्पित किया गया. संतोषी माता और श्री अगस्त्येश्वर महादेव का दिव्य और आकर्षक श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा.

महाआरती के बाद शुरू हुआ महाभोज 
महाआरती के बाद नगर भोज महाप्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया. आयोजन को सफल बनाने के लिए मंदिर समिति और स्वयंसेवकों ने व्यापक व्यवस्थाएं की थीं. कुल मिलाकर, उज्जैन का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि संतोषी माता मंदिर को विश्व स्तर पर एक नई पहचान भी दिला गया.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें

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संतोषी माता मंदिर ने विश्व स्तर पर दर्ज किया नाम! महाभोग बना रिकॉर्ड



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