छतरपुर जिले में मध्यप्रदेश शासन की भावान्तर भुगतान योजना के तहत 2072 किसानों को 4 करोड़ 6 लाख 6 हजार 333 रुपये का भुगतान किया गया है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की गई है, जिससे उन्हें सोयाबीन फसल का उचित मूल्य मिल सके।
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कृषि उप संचालक द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिले में भावान्तर भुगतान योजना के अंतर्गत कुल 6230 किसानों ने पंजीकरण कराया था। जिले की आठ कृषि उपज मंडियों के माध्यम से किसानों ने अपनी उपज बेची है। अब तक 5135 किसानों ने 1 लाख 24 हजार 942 क्विंटल सोयाबीन फसल का विक्रय किया है।
मंडियों में न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम दर पर फसल बिकने के कारण हुए मूल्य अंतर की भरपाई के लिए शासन द्वारा किसानों को किस्तों में भुगतान किया जा रहा है।
पहली किस्त 24 अक्टूबर को हुई थी जारी योजना के तहत, पहली किस्त में 24 अक्टूबर 2025 से 6 नवंबर 2025 तक 617 किसानों को 1 करोड़ 55 लाख 78 हजार 485 रुपये का भुगतान किया गया। दूसरी किस्त में 7 नवंबर 2025 से 14 नवंबर 2025 तक 572 किसानों को 1 करोड़ 11 लाख 85 हजार 563 रुपये मिले।
वहीं, तीसरी किस्त के अंतर्गत 15 दिसंबर 2025 से 24 दिसंबर 2025 की अवधि के लिए 28 दिसंबर 2025 को 883 किसानों के बैंक खातों में 1 करोड़ 38 लाख 42 हजार 285 रुपये सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित किए गए। भावान्तर भुगतान योजना के तहत पंजीकृत किसान अपनी सोयाबीन फसल का विक्रय 15 जनवरी 2026 तक निर्धारित कृषि उपज मंडियों में कर सकते हैं।