जबलपुर में शहर के बीच कीजिए जंगल की सैर: कान्हा, पेंच, बांधवगढ़ नहीं जा पाए तो 2 हजार एकड़ में फैले डुमना पार्क घूम आइए – Jabalpur News

जबलपुर में शहर के बीच कीजिए जंगल की सैर:  कान्हा, पेंच, बांधवगढ़ नहीं जा पाए तो 2 हजार एकड़ में फैले डुमना पार्क घूम आइए – Jabalpur News


डुमना नेचर पार्क देश का सबसे बड़ा शहरी वन है।

न्यू ईयर में परिवार के साथ घूमने जाना है। समय और पैसे की कमी है तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। मध्यप्रदेश के जबलपुर शहर में एक ऐसा स्थान है जो आपको बांधवगढ़, कान्हा और पन्ना टाइगर रिजर्व की फील कराएगा।

.

इस वन का नाम डुमना नेचर पार्क है। यह एशिया का दूसरा और देश का सबसे बड़ा शहरी वन है। करीब 2 हजार एकड़ में फैले इस वन में कई तरह के जंगली जानवर और सुंदर-सुंदर पक्षी हैं।

न्यू ईयर में इस शहरी वन में ना सिर्फ जबलपुर बल्कि प्रदेश और देश से सैलानी घूमने आते हैं। इस पार्क में प्रवेश की टिकट 20 से 50 रुपए है।

एयरपोर्ट से सिर्फ 15 KM दूर डुमना एयरपोर्ट रोड पर जबलपुर शहर से सिर्फ 15 किलोमीटर की दूरी में स्थित डुमना नेचर पार्क में जो भी प्रवेश करता, बस उसके मुंह से एक ही शब्द निकलते कि क्या यह शहर का जंगल है। डुमना नेचर पार्क में वन्य प्राणी के साथ-साथ एक विशाल खंडारी जलाशय है, जहां पर कि पत्थरों में अक्सर बड़े-बड़े मगरमच्छ दिखाई देते हैं।

इसके साथ ही लेपर्ड से लेकर हिरण,चीतल और जंगली सूअर सहित कई जानवर घूमते हुए नजर आएंगे। साल भर खुले रहने वाले नेचर पार्क यूं तो हमेशा ही भरा रहता है, पर न्यू ईयर में यहां आने वाले पर्यटकों में अच्छा खासा इजाफा हो जाता है। जो परिवार छुट्टियों में कान्हा,बांधवगढ़ नहीं जा पाते है, वो परिवार के साथ डुमना नेचर पार्क आते हैं।

जंगल में खंदारी जलाशय है। यह 600 एकड़ में फैला है।

600 एकड़ में फैला है खंदारी जलाशय डुमना नेचर पार्क की सुंदरता में चार चांद लगाता हुआ खंदारी जलाशय 600 एकड़ में फैला है। चारों तरफ हरे-हरे वृक्षों से घिरा यह विशाल जलाशय लोगों के आकर्षण का विशेष केंद्र है।

इसमें बड़ी संख्या में मगरमच्छ हैं। इस कारण यहां नौका विहार नहीं होती है। इसके आसपास घूमा जा सकता है। जलाशय के आसपास टापू भी बने हैं, जिसमें पर्यटक ठंड के समय धूप सेंक सकते हैं।

लेपर्ड, हिरण, मोर समेत हजारों जंगली जानवर देश के सबसे बड़ी शहरी वन में हजारों जंगली जानवर हैं। यहां पर घूमने के दौरान लेपर्ड, जंगली सूअर, हिरण, मोर, बारहसिंगा सहित विभिन्न प्रकार के जानवरों सहित विशेष पक्षी है।

जिन्हें देखकर अहसास होता है कि हम किसी बड़े रिजर्व पार्क में घूमने आ गए हैं। टाइगर रिजर्व या फिर दूसरे पार्कों में भले ही आपको जंगली जानवरों के दीदार ना हो पर, डुमना नेचर पार्क में बिल्कुल करीब से हिरण, जंगली सूअर और अन्य जानवरों को देख सकते हैं।

यहां पर्यटकों को हिरण, मोर, बारहसिंगा समेत कई प्रजाति के जानवर मिल जाएंगे।

यहां पर्यटकों को हिरण, मोर, बारहसिंगा समेत कई प्रजाति के जानवर मिल जाएंगे।

रिटायर्ड सैनिकों के हाथों में सुरक्षा 2 हजार एकड़ में फैले डुमना नेचर पार्क में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पर्यटकों की सेफ्टी के लिए नगर निगम ने रिटायर्ड सैनिकों को तैनात किया है। ये 24 घंटे पार्क के अलग-अलग स्थानों में मौजूद रहते हैं।

इसका उद्देश्य यह है कि किसी भी तरह से यहां आने वाले सैलानियों को किसी भी तरह की परेशानी ना हो। पार्क में वाइल्ड लाइफ के शौकीन फोटोशूट भी कर सकते हैं।

हालांकि पार्क में खाद्य सामग्री ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। डुमना नेचर पार्क रोजाना सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक आम नागरिकों के लिए खुला रहता है।

12 किलोमीटर का साइकिल ट्रैक ​​​​​​डुमना नेचर पार्क के सुरक्षा अधिकारी आर राजन बताते हैं कि इस पार्क में मध्यप्रदेश के अलावा देश के कई राज्यों सहित विदेश से भी पर्यटक आते हैं। जो भी व्यक्ति इस रोड से होते हुए डुमना एयरपोर्ट जाता है, वह कुछ देर के लिए इस पार्क में जरूर रुकता है। वजह यह है कि यहां पर जो फील आता है, बिल्कुल जंगल से होता है।

उन्होंने बताया कि नेचर पार्क में लैपर्ड जोन, पिकॉक जोन, डीयर जोन बनाए गए हैं। यहां पर घूमने के दौरान जंगली जानवर दिखते हैं। इसके अलावा पार्क के अंदर ही 12 किलोमीटर का साइकिल ट्रैक बनाया है। 50 रुपए देकर ट्रैक का मजा लिया जा सकता है।

डुमना पार्क में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।

डुमना पार्क में हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।

सुरक्षा अधिकारी आर राजन ने बताया-

QuoteImage

जो लोग बांधवगढ़, कान्हा या फिर पन्ना नहीं जा पाते हैं, वे यहां बिल्कुल उसी तरह का नजारा इस पार्क में देख सकते हैं। पार्क में जंगल के बीच में कच्ची सड़क बनाई गई है। दोनों तरफ ऊंचे-ऊंचे पेड़ हैं। बीच में जलाशय है, जिसमें मगरमच्छ हैं।

QuoteImage

ऑक्सीजन का भंडार है पर्यटक आकांक्षा बतातीं हैं कि पार्क में आकर बहुत अच्छा लगता है। यहां पर कई तरह के पक्षी, जानवर तो दिखते ही हैं, सुबह-सुबह यह पार्क ऑक्सीजन से भरा होता है।

यह वजह है कि शहर से भी बड़ी संख्या में लोग पार्क आते हैं। अब यह पर्यटक हब भी बन चुका है। घने जंगल के बीच आकर ऐसा लगता है, जैसे कि किसी बड़े नेशनल पार्क में आ गए हो।

डुमना पार्क एयरपोर्ट से सिर्फ 7 किमी की दूरी पर है।

डुमना पार्क एयरपोर्ट से सिर्फ 7 किमी की दूरी पर है।

महापौर बोले- आइए हमारे पार्क जबलपुर महापौर जगत बहादुर अन्नू का कहना है कि यह शहरी पार्क नहीं बल्कि एक मिनी एनिमल रिजर्व है, जहां विभिन्न प्रजाति के जंगली जानवर हैं, मगरमच्छ हैं। ऊंचाई से मगरमच्छ के दीदार कर सकते हैं। यहां आने पर शांति का अहसास होता है, जो कि शहर के शोर शराबे के बीच आपके मन को भी आराम देगा।

ऐसे पहुंचा जा सकता है पार्क अगर आप फ्लाइट से जबलपुर आ रहे हैं तो डुमना एयरपोर्ट से सिर्फ 7 किलोमीटर की दूरी पर नेचर पार्क है। शहर आते समय रास्ते में रुककर इस पार्क में घूमा जा सकता है। अगर रेलवे स्टेशन से आना चाहते हैं तो ऑटो या फिर टैक्सी लेकर आ सकते हैं।

दूरी करीब 9 किलोमीटर की है। शहर के आईएसबीटी बस स्टैंड से करीब 14 से 15 किलोमीटर की दूरी है। यहां से भी ऑटो या फिर टैक्सी लेकर पहुंच सकते हैं।



Source link