न्यू ईयर पर स्वर्ग जैसा सुकून! बुंदेलखंड के ये प्लेस ट्रिप बना देंगी यादगार

न्यू ईयर पर स्वर्ग जैसा सुकून! बुंदेलखंड के ये प्लेस ट्रिप बना देंगी यादगार


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New year trip plan 2026 : नया साल 2026 शुरू होने के लिए अब मात्र दो दिन का समय शेष रह गया है. अपने न्यू ईयर को यादगार बनाने और फैमिली के साथ एंजॉय करने के लिए लोग प्लान बना रहे हैं तो ऐसे लोगों को बुंदेलखंड में घूमने के लिए एक से बढ़कर एक खूबसूरत स्थान है, जहां इतिहास संस्कृति आस्था और पर्यटन से जुड़े सभी एडवेंचर का मजा ले सकते हैं.

मध्य प्रदेश की मिनी अयोध्या कहीं जाने वाली भगवान रामलला की नगरी ओरछा भी बुंदेलखंड में ही आती हैं. जहां पर इतिहास संस्कृति आस्था और पर्यटन का अनूठा संगम देखने को मिलता है यहां पर न केवल देश से बल्कि विदेशों से भी टूरिस्ट बड़ी संख्या में पहुंचते हैं यह स्थान निवाड़ी जिले में आता है.

छतरपुर

ऐसे ही छतरपुर जिले में आने वाला खजुराहो भी विश्व प्रसिद्ध है यूनेस्को भी इसको विश्व धरोहर की सूची में शामिल किए हुए हैं वहां पर दसवीं ग्यारहवीं शताब्दी के चंदेल कालीन मंदिर दुनिया भर में अपनी कला के लिए जाने जाते हैं मध्य प्रदेश में विदेशी टूरिस्ट के मामले में यह है दूसरे स्थान पर है.

पन्ना जुगल किशोर

जुगल किशोर की नगरी पन्ना वैसे तो यहां हीरा के लिए प्रख्यात है लेकिन यहां का टाइगर रिजर्व बाघों की साइटिंग के लिए वाइल्ड लाइफ प्रेमियों को अपनी तरफ आकर्षित करता है. अगर आप जंगल में रोमांचक सफारी करना चाहते हैं तो पन्ना टाइगर रिजर्व इसके लिए बेस्ट है, यहां ऑनलाइन ऑफलाइन दोनों तरह से बुकिंग होती है फैमिली के साथ नया साल एंजॉय करने के लिए यह बेस्ट स्पॉट है.

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सागर

अगर आप न्यू ईयर को भीडभाड़ से दूर शांति और सुकून में न्यू ईयर या वीकेंड की छुट्टियां पर घूमने की प्लानिंग कर रहे हैं तो पचमढ़ी शिमला मनाली को छोड़िए कम खर्चे में सागर का वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व आपका इंतजार कर रहा है, जहां ना आपको भीड़ मिलेगी और ना ही शहर का शोर शराबा, हरी भरी जंगल, नदी का किनारा, पहाड़ों के बीच छुट्टियों को एंजॉय कर सकेंगे.

सागर

दमोह जिले का सिंगौरगढ़ का किला ऐतिहासिक महत्व के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण है वीरांगना रानी दुर्गावती का यह प्रमुख किला हुआ करता था यह खंडहर भले ही हो चुका है लेकिन इसकी इमारत है आज भी अतीत की कहानियां सुनाती हैं जंगल के बीच ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह किला एक अलग तरह की अनुभूति कराता है.

प्लेस

सागर जिले में भी विश्व प्रसिद्ध ऐरन हैं जो यहां की भव्य और दिव्या प्रतिमाओं के लिए जाना जाता है लेकिन यह स्थान करीब 4000 साल पुराना बताया जाता है जो उस समय एक समृद्ध नगर हुआ करता था, तो इसी स्थान के पास से सती प्रथा जैसी कुरीति का पहला स्तंभ भी मिला था जो आज भी विद्यमान है, पुरातत्व विभाग पिछले कुछ साल से यहां पर लगातार काम कर रहा है ताकि इस स्थान को यूनेस्को विश्व धरोहर घोषित कर दे.

बौद्ध

सागर से ही लगे रायसेन जिले में बौद्ध के सांची स्तूप है जिनका निर्माण तीसरी शताब्दी में सम्राट अशोक ने करवाया था यह भी यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल की सूची में शामिल है यहां पर भारतीय कला इतिहास और स्थापत्य का अनूठा संगम देखने को मिलता है.

टीकमगढ़

वहीं धार्मिक दृष्टि से देखें तो सागर की रहली में सुनार नदी के तट पर 1000 साल पुराना सूर्य मंदिर है, सागर की बड़ा बाजार को मिनी वृंदावन के रूप में जाना जाता है. पन्ना शहर में भी भगवान जुगल किशोर का मंदिर है छतरपुर में भीमकुंड प्रसिद्ध है दमोह में बांदकपुर की जागेश्वर नाथ दर्शनों को भीड़ आती टीकमगढ़ में बगाज माता का प्रसिद्ध मंदिर है.

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