नई दिल्ली. साल 2025 में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिला और सबसे बड़ी बात यह रही कि पारंपरिक निर्माता कंपनियां फिर से टॉप पर पहुंच गईं. हालांकि, इस सेगमेंट में कई स्टार्ट अप ने भी बढ़िया मार्केट शेयर पर कब्जा करने में कामयाबी पाई. ओला इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. लेकिन, वक्त के साथ मार्केट का गेम पहले से पॉपुलर ट्रडिशनल मेजर ब्रांड्स की ओर शिफ्ट हो गया. क्योंकि, इन ब्रांड्स के पास बड़े पैमाने पर उत्पादन, व्यापक पहुंच और बेहतर संचालन क्षमता है. ओला इस सेगमेंट में साल की शुरुआत में नंबर 1 ब्रांड था, मगर साल खत्म होते होते इसका मार्केट शेयर पहले की तुलना में आधे से भी कम हो गया है.
टीवीएस का जलवा
इस बदलाव के केंद्र में थी टीवीएस मोटर कंपनी, जिसने नए मार्केट लीडर के रूप में उभरकर साल के अंत तक करीब 2.95 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बेचकर 24.2 फीसदी बाजार हिस्सेदारी हासिल की. इसके बाद दूसरे नंबर पर रही बजाज ऑटो, जिसने 21.9 फीसदी मार्केट शेयर के साथ अपनी पकड़ मजबूत की और पारंपरिक कंपनियों के बढ़ते दबदबे को और मजबूत किया, जिन्होंने अपने ईवी पोर्टफोलियो को तेजी से बढ़ाया.
ओला का घटता मार्केट शेयर
इसके विपरीत, ओला इलेक्ट्रिक की स्थिति में भारी गिरावट आई. 2024 में जहां कंपनी के पास एक तिहाई से ज्यादा बाजार था, वहीं 2025 में इसका शेयर घटकर 16.1 फीसदी रह गया, हालांकि कंपनी ने करीब 1.97 लाख यूनिट्स बेचीं. यह गिरावट इसलिए भी खास रही क्योंकि जीरो-इमिशन टू-व्हीलर सेगमेंट खुद लगातार बढ़ रहा था.
क्यों ओला का हाल बुरा?
सर्विस टर्नअराउंड टाइम, डिलीवरी में देरी और ग्राहक शिकायतों के समाधान जैसे मुद्दों ने खरीदारों के भरोसे को कमजोर किया, जिससे कुल बिक्री पर असर पड़ा. जैसे-जैसे प्रतिस्पर्धा बढ़ी, ये कमियां और भी ज्यादा सामने आने लगीं, खासकर जब दूसरी कंपनियां बेहतर डीलर और सर्विस नेटवर्क के साथ स्मूथ ओनरशिप एक्सपीरियंस दे रही थीं.
एथर एनर्जी को फायदा
इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा एथर एनर्जी को मिला. बेंगलुरु की इस कंपनी ने पूरे साल अपना विस्तार किया और बाजार हिस्सेदारी 11.3 फीसदी से बढ़ाकर 16.2 फीसदी कर ली. इसमें सबसे ज्यादा योगदान रिज्टा मॉडल का रहा, जिसने एथर को प्रीमियम सेगमेंट से बाहर निकलकर फैमिली कस्टमर बेस तक पहुंचने में मदद की.
हीरो मोटोकॉर्प भी छाया
हीरो मोटोकॉर्प ने भी अपने वीड़ा सब-ब्रांड के जरिए अच्छा प्रदर्शन किया. इससे हीरो ने 2025 के अंत तक अपना मार्केट शेयर दोगुना से ज्यादा बढ़ाकर 8.8 फीसदी कर लिया और साल के दूसरे हिस्से में बिक्री में अच्छी तेजी आई, क्योंकि VX2 सीरीज समेत उसके नए मॉडल्स को देशभर में ग्राहकों ने पसंद किया. कंपनियों के बीच मुकाबले के अलावा, साल भर इंडस्ट्री को कई बड़े मुद्दों का सामना करना पड़ा. भारी मात्रा में रेयर अर्थ मटेरियल्स की सप्लाई में रुकावट, खासकर चीन से जुड़े जियोपॉलिटिकल तनाव के कारण, ईवी निर्माताओं को लागत रणनीति और उत्पादन में नई चुनौतियों का सामना करना पड़ा.