सतना जिले के शिवराजपुर धान खरीदी केंद्र से जुड़ा एक वीडियो बुधवार को सामने आया है, जिसमें सेवा सहकारी समिति का प्रबंधक महिला तहसीलदार प्रज्ञा दुबे के लिए अभद्र भाषा का प्रयोग करता नजर आ रहा है।
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यह मामला उस समय का है, जब खरीदी केंद्र में अनियमितताएं पकड़े जाने के बाद प्रबंधक वहां मौजूद लोगों से बातचीत कर रहा था।
वीडियो में यह बोला प्रबंधक सामने आए वीडियो में समिति प्रबंधक यह कहते हुए सुना जा सकता है कि, “मेरा कुछ नहीं होगा… इतनी दूर से अधिकारी आई थी तो कुछ तो लिखेगी ही… टूर दिखाएगी।” इसके साथ ही उसने लगातार आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।
औचक निरीक्षण में खुली धान खरीदी की पोल दरअसल, मंगलवार को तहसीलदार प्रज्ञा दुबे ने सिंहपुर थाना प्रभारी अजय अहिरवार के साथ शिवराजपुर धान खरीदी केंद्र का औचक निरीक्षण किया था। उन्हें किसानों से धोखाधड़ी की शिकायतें मिली थीं। जांच में पाया गया कि धान की एक बोरी का वजन 41 किलो 200 ग्राम था, जबकि शासन द्वारा निर्धारित मानक वजन 40 किलो 600 ग्राम है।
सील बंद बोरी दोबारा तौली तो 36 किलो निकली अधिकारियों ने जब उसी धान से भरी और सील की गई बोरियों को दोबारा तौला, तो वजन घटकर मात्र 36 किलो रह गया। इस तरह प्रति बोरी करीब 5 किलो धान का अंतर सामने आया, जिससे खरीदी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
नमी और स्टोरेज में भी गड़बड़ी निरीक्षण में यह भी सामने आया कि तौल के बाद धान की बोरियों को खुले में रखा जा रहा था। इससे धान की नमी 19 पॉइंट तक पहुंच गई, जबकि तय मानक 17 पॉइंट है। अधिक नमी होने से गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ किसानों के भुगतान में भी दिक्कत आ सकती है।
कार्रवाई की तैयारी निरीक्षण के समय सहायक प्रबंधक हरिराम पांडेय मौके पर मौजूद नहीं थे। तहसीलदार प्रज्ञा दुबे ने पूरे मामले का पंचनामा तैयार कर लिया है। वीडियो पर उन्होंने बताया कि वीडियो संज्ञान में है। जिसे सजा मिलनी होती है वो तो इस तरह की बाते करेगा। तहसीलदार ने बताया कि जांच प्रतिवेदन बना कर कलेक्टर को कार्यवाही के लिए भेज दिया गया है।