2025 के अंत में सिकंदर रजा पर टूटा दुखों का पहाड़, घर में पसरा मातम, नहीं भूल पाएंगे ये दिन

2025 के अंत में सिकंदर रजा पर टूटा दुखों का पहाड़, घर में पसरा मातम, नहीं भूल पाएंगे ये दिन


दुनिया के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में से एक जिम्बाब्वे क्रिकेट की पहचान सिकंदर रजा पर दुखों का पहाड़ टूट गया है. साल 2025 जाते-जाते उन्हें भारी दुख दे गया. T20I कप्तान के छोटे भाई मुहम्मद महदी का सोमवार, 29 दिसंबर को निधन हो गया, जिनकी उम्र महज13 साल की थी. मासूम भाई को खोकर सिकंदर रजा अंदर से टूट चुके हैं. महदी को मंगलवार को हरारे के वॉरेन हिल्स कब्रिस्तान में दफनाया गया.

कैसे हुआ निधन?

जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने रजा के भाई की मौत की पुष्टि की. बोर्ड ने बताया कि महदी को हीमोफीलिया था, जो एक दुर्लभ जेनेटिक ब्लीडिंग डिसऑर्डर है जिसमें खून ठीक से जमता नहीं है. जिम्बाब्वे क्रिकेट ने अपने बयान में कहा कि महदी की मौत हाल की स्वास्थ्य समस्याओं के कारण हुई. जिम्बाब्वे क्रिकेट ने महदी के असमय निधन पर रजा और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की.

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जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने जारी किया बयान

जिम्बाब्वे क्रिकेट ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘जिम्बाब्वे क्रिकेट (ZC) ज़िम्बाब्वे T20I कप्तान सिकंदर रजा और उनके परिवार के प्रति उनके प्यारे छोटे भाई मुहम्मद महदी के असमय निधन पर हार्दिक संवेदना व्यक्त करता है. जिनका 29 दिसंबर 2025 को हरारे में 13 साल की उम्र में निधन हो गया. मुहम्मद महदी को हीमोफीलिया था और दुख की बात है कि हाल की स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उनकी जान चली गई.

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सपोर्ट में मैनेजमेंट

बयान में आगे कहा गया, ‘महदी को 30 दिसंबर 2025 को हरारे के वॉरेन हिल्स कब्रिस्तान में दफनाया गया. ZC बोर्ड, मैनेजमेंट, खिलाड़ी और स्टाफ इस बेहद मुश्किल समय में सिकंदर रजा और उनके परिवार के साथ एकजुटता से खड़े हैं. अल्लाह उन्हें सुकून और हिम्मत दे और मुहम्मद महदी की आत्मा को शांति मिले.’ सिकंदर रजा आगामी टी20 वर्ल्ड कप में टीम की कप्तानी करते नजर आएंगे. 



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