जबलपुर में मोनू झारिया हत्याकांड का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार: दशहरा विवाद से चली आ रही रंजिश में आर्यन ने दोस्तों संग बेरहमी से की थी हत्या – Jabalpur News

जबलपुर में मोनू झारिया हत्याकांड का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार:  दशहरा विवाद से चली आ रही रंजिश में आर्यन ने दोस्तों संग बेरहमी से की थी हत्या – Jabalpur News


मृतक मोनू झारिया जिसकी हत्या की गई थी।

जबलपुर पुलिस ने मोनू झारिया हत्याकांड का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह सनसनीखेज वारदात 29 दिसंबर की रात की है, जब मांडवा बस्ती निवासी मोनू झारिया अपने एक दोस्त से मिलने कांचघर पहुंचा था।

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इसी दौरान आर्यन अपने तीन साथियों के साथ वहां आया और मोनू पर ताबड़तोड़ चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद चारों आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

क्राइम ब्रांच के साथ सिविल लाइन, बेलबाग, ओमती और घमापुर थाना पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी रही। गुरुवार को पुलिस ने चारों आरोपियों को उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वे अपने परिजनों से मिलने के बाद जबलपुर छोड़ने की फिराक में थे।

पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या का मास्टरमाइंड आर्यन था, जिसने तीन महीने पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए इस वारदात को अंजाम दिया।

मुख्य आरोपी आर्यन और नवीन गौरी।

दशहरा में हुआ था विवाद

रामपुर मांडवा बस्ती में रहने वाला मोनू झारिया दशहरा के समय अपने दोस्तों से मिलने के लिए आया था। उसी दौरान गरबा में दोनों को धक्का लगने को लेकर विवाद हो गया था। अचानक मोनू झारिया ने चाकू निकाला और आर्यन पर हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद मोनू वहां से फरार हो गया। घायल आर्यन का कई दिनों तक इलाज चला।

घमापुर थाना पुलिस ने आरोपी मोनू को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे धारा 307 में जेल भेज दिया। 10 दिन पहले ही मोनू जमानत पर जेल से छूटकर बाहर आया था।

आर्यन के साथी तुषार और साहिल।

आर्यन के साथी तुषार और साहिल।

दोस्त से मिलने पहुंचा था मोनू, घेरकर कर दी बेरहमी से हत्या

मृतक मोनू झारिया का दोस्त आशीष बघेल कांचघर क्षेत्र में चाट की दुकान लगाता है। 29 दिसंबर की रात मोनू उससे मिलने वहां पहुंचा और ठेले के पास खड़े होकर पानीपुरी खा रहा था। इसी दौरान आर्यन का दोस्त तुषार वहां से गुजर रहा था। उसने मोनू को पहचान लिया और तुरंत आर्यन को फोन कर सूचना दी कि उसका दुश्मन आशीष के ठेले पर खड़ा है।

जानकारी मिलते ही आर्यन अपने साथी तुषार चौधरी, साहिल चौधरी और नवीन के साथ दो बाइकों पर सवार होकर मौके पर पहुंचा। आते ही चारों ने मोनू को घेर लिया और गाली-गलौज शुरू कर दी। मोनू कुछ समझ पाता, इससे पहले ही आरोपियों ने चाकू और बका से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमलावरों ने उसे तब तक मारा जब तक उसकी मौके पर ही मौत नहीं हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे, जिन्हें पुलिस ने बाद में गिरफ्तार कर लिया।

सिविल लाइन थाना पुलिस ने हत्यारों को जुलूस निकाला।

सिविल लाइन थाना पुलिस ने हत्यारों को जुलूस निकाला।

दोस्त ले गया अस्पताल, डॉक्टरों ने किया मृत घोषित

मोनू पर जानलेवा हमला करने के बाद आरोपी चाकू और बका लहराते हुए मौके से फरार हो गए। आसपास मौजूद लोगों की मदद से उसका दोस्त आशीष गंभीर रूप से घायल मोनू को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही सीएसपी सोनू कुर्मी सिविल लाइन थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। साथ ही घमापुर और बेलबाग थाना पुलिस का बल भी घटनास्थल पर पहुंच गया। एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर क्राइम ब्रांच के साथ विभिन्न थानों की पुलिस टीमों ने आरोपियों की तलाश शुरू की और पूरे शहर में घेराबंदी कर दी गई।

नरसिंहपुर–गोसलपुर तक काटी फरारी

मोनू झारिया की हत्या के बाद आरोपी आर्यन, तुषार, साहिल और नवीन बाइक से नरसिंहपुर की ओर फरार हो गए थे। पुलिस लगातार उनका पीछा कर रही थी। इस दौरान चारों ने नरसिंहपुर, मझौली और गोसलपुर में भी कई जगह छिपकर फरारी काटी।

गुरुवार को आरोपी परिवार वालों से मिलने और पैसे लेने जबलपुर लौटे थे। इसी दौरान पुलिस को उनकी मौजूदगी की सूचना मिली। इसके बाद घमापुर, सिविल लाइन, बेलबाग और ओमती थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से कुचबंदिया मोहल्ले में घेराबंदी कर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में हत्या के मास्टरमाइंड आर्यन ने पुलिस को बताया कि कुछ समय पहले मृतक मोनू ने उसके पड़ोस में आकर उस पर चाकू से हमला किया था, जिसमें वह घायल हो गया था। उस वक्त वह कुछ नहीं कर पाया था और तभी से बदला लेने की फिराक में था। आर्यन ने कबूल किया कि इसी रंजिश में उसने मोनू की हत्या की।

जबलपुर पुलिस ने पत्रकारवार्ता में हत्या का खुलासा किया।

जबलपुर पुलिस ने पत्रकारवार्ता में हत्या का खुलासा किया।

दोनों की अपनी-अपनी गैंग

एएसपी आयुष गुप्ता ने बताया कि मृतक मोनू झारिया और आरोपी आर्यन दोनों के खिलाफ शहर के अलग-अलग थानों में कई गंभीर अपराध है। मारपीट करना, अवैध वसूली करना काम था। जब आर्यन नाबालिग था, तब भी उसने कई गंभीर अपराधों की अंजाम दिया है। जबकि मांडवा बस्ती में रहने वाला मृतक मोनू झारिया भी बदमाश था। दोनों ही अपनी-अपनी गैंग चलाते थे। वारदात वाले दिन मोनू अकेले ही कांचघर तरफ पहुंच गया। इससे पहले भी वह दोस्त आशीष से मिलने आया करता था, उस दौरान उसके दोस्त साथ रहते थे, जिसके चलते आर्यन को हमला करने का मौका नहीं मिल पा रहा था।



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