नववर्ष 2026 के आगमन पर भिंड शहर और जिलेभर में उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। साल के पहले दिन की शुरुआत लोगों ने भगवान की पूजा-अर्चना और मंगलकामना के साथ की। सुबह से ही शहर और आसपास के प्रसिद्ध मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी
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दोपहर तक 25 हजार श्रद्धालु पहुंचे भिंड शहर में नववर्ष पर सबसे अधिक भीड़ प्रसिद्ध वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में देखने को मिली। मंदिर के पट सुबह 4 बजे खुलते ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया, जो पूरे दिन जारी रहा। श्रद्धालु लंबी कतारों में खड़े होकर गर्भगृह में भगवान महादेव का जल, बेलपत्र और फूल अर्पित कर अभिषेक करते नजर आए।
मंदिर के पुजारी के अनुसार सुबह 4 बजे से दोपहर 12 बजे तक करीब 25 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे, जबकि शाम तक यह संख्या 35 से 40 हजार तक पहुंचने की संभावना जताई गई। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और सेवादारों द्वारा दर्शन की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई थी। मंदिर परिसर के एक हिस्से में कन्या पूजन और भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
दूसरे मंदिरों में भी जुटी भीड़ वनखंडेश्वर के अलावा शहर के अन्य प्रमुख शिव मंदिरों—कुंडेश्वर, कालेश्वर, गौरीशंकर, अर्जेटेश्वर समेत अन्य महादेव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ रही। यहां सुबह से शाम तक पूजा-अर्चना और अभिषेक का सिलसिला चलता रहा। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर नए वर्ष के लिए शांति, स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।
वनखंडेश्वर महादेव मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु।
नववर्ष के अवसर पर भिंड सिटी कोतवाली में भी धार्मिक आयोजन किया गया। यहां सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक सुंदरकांड पाठ का आयोजन हुआ, जिसमें पुलिस जवानों और शहरवासियों ने सहभागिता की। भजन-कीर्तन और सामूहिक पाठ के माध्यम से भगवान की स्तुति की गई।
इधर, भिंड जिले के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। ग्वालियर-चंबल संभाग के प्रसिद्ध दंदरौआ धाम स्थित डॉक्टर हनुमान मंदिर में दूर-दराज से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। इसी तरह कांक्सी सरकार हनुमान मंदिर और रावतपुरा सरकार मंदिर पर भी भक्तों का तांता लगा रहा। नववर्ष के पहले दिन धार्मिक स्थलों पर उमड़ी इस भीड़ ने भिंड जिले में आस्था और उल्लास का संदेश दिया।