मंदसौर में चाइना डोर से एक पक्षी की मौत: प्रतिबंध के बावजूद बिक्री जारी, सख्त कार्रवाई की मांग – Mandsaur News

मंदसौर में चाइना डोर से एक पक्षी की मौत:  प्रतिबंध के बावजूद बिक्री जारी, सख्त कार्रवाई की मांग – Mandsaur News



प्रतिबंध के बावजूद मंदसौर में बिक रहा चाइनीस मांझा

मंदसौर शहर में प्रतिबंध के बावजूद चाइनीस मांझे (डोर) की बिक्री और उपयोग थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसके चलते लगातार हादसे सामने आ रहे हैं। ताजा मामला नई आबादी क्षेत्र का है, जहां चाइनीस डोर में उलझने से एक पक्षी की दर्दनाक मौत हो गई।

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उड़ान के दौरान मांझे में फंसा पक्षी

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उड़ान भरते समय पक्षी अचानक चाइनीस मांझे में उलझ गया। डोर से उसके पंख और शरीर पर गहरे जख्म हो गए, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया। स्थानीय लोगों ने पक्षी को बचाने का प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के कारण कुछ ही देर में उसने दम तोड़ दिया। इससे पहले चौधरी कॉलोनी स्थित बीमा अस्पताल की छत पर एक उल्लू चाइनीस डोर में बुरी तरह फंसा मिला था। मांझा उसके पंख में इस कदर उलझा था कि वह उड़ने में असमर्थ हो गया।

नगर पालिका ने किया रेस्क्यू

सूचना मिलने पर नगर पालिका कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद उल्लू के पंख से चाइनीस डोर निकाली। रेस्क्यू के बाद घायल उल्लू को उपचार के लिए वन विभाग कार्यालय भेजा गया, जहां उसका इलाज किया गया।

अवैध बिक्री जारी, पुलिस की कार्रवाई नाकाफी

शहर में चाइनीस मांझे की अवैध खरीद-फरोख्त की लगातार शिकायतें सामने आ रही हैं। कोतवाली पुलिस द्वारा बीते कुछ दिनों में इस संबंध में तीन कार्रवाइयां भी की गई हैं, लेकिन इसके बावजूद घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लग पाई है।

आम नागरिकों के लिए भी जानलेवा

चाइनीस डोर केवल पक्षियों और जानवरों के लिए ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों के लिए भी घातक साबित हो रही है। कुछ दिन पहले संजीत नाका ओवरब्रिज पर दो लोग चाइनीस डोर की चपेट में आकर घायल हो गए थे, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

शहरवासियों में आक्रोश

लगातार हो रही घटनाओं से शहरवासी और सामाजिक संगठन आक्रोशित हैं। उन्होंने प्रशासन से चाइनीस मांझे की बिक्री और उपयोग पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि नियमित जांच अभियान नहीं चलाए गए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो भविष्य में हादसों की संख्या और बढ़ सकती है।



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