मां नर्मदा के दर्शन कर शुरू किया दिन, नए साल पर जबलपुर के इन मंदिरों में उमड़ी भीड़

मां नर्मदा के दर्शन कर शुरू किया दिन, नए साल पर जबलपुर के इन मंदिरों में उमड़ी भीड़


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Jabalpur New Year Celebration: नए साल 2026 पर जबलपुर के कचनार सिटी शिव मंदिर, गौरीघाट, 64 योगिनी, कैलाश धाम और पाट बाबा मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी, भगवान शंकर और मां नर्मदा के दर्शन हुए.

नए साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है. जबलपुर में अधिकांश लोग इस नए साल की शुरुआत मंदिरों में विराजे भगवान के दर्शन कर शुरू कर दिया है. जबलपुर के ऐसे ही कछ मंदिर हैं, जहां नए साल के अवसर पर श्रद्धालुओं का तांता लग रहा.

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जबलपुर में कचनार सिटी का शिव मंदिर है. यहां भगवान शंकर की 76 फुट (23 मीटर) ऊंची प्रतिमा है. मूर्ति किसी मंदिर में नहीं बल्कि खुले आसमान के नीचे है, जहां वह ध्यान मुद्रा में बैठे हैं. इस मूर्ति के नीचे एक गुफा भी बनाई गई है जिसमें 12 ज्योतिर्लिंग हैं. ये सभी ज्योतिर्लिंग देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों से लाए गए हैं. गुफा के अंदर एक और गुफा बनी है जो मंदिर का गर्भगृह है, जहां श्रद्धालु उमड़ रहे हैं.

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जबलपुर का गौरीघाट तट, जहां मध्य प्रदेश का मात्र एक मंदिर है. मां नर्मदा के बीचोबीच बना है यह मंदिर मां नर्मदा का है, जहां भक्तों का जनसैलाब उमड़ता है. वहीं, शाम को मां नर्मदा की महाआरती भी होती है. श्रद्धालु मां नर्मदा के दर्शन करने नौका से भी जा सकते हैं.

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जबलपुर के 64 योगिनी में वर्षों पुरानी भगवान शिव की मूर्ति है. खास बात ये कि यहां भगवान शिव की मूर्ति देवियों की मूर्तियों के बीच में है. भगवान शिव यहां अपने वाहन नंदी पर माता पार्वती के साथ विराजमान हैं.

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यह देश की अनोखी शिव प्रतिमा है, जिसमें भगवान शिव माता पार्वती के साथ नदी पर बैठे नजर आ रहे हैं, जिसे देखने टूरिस्ट आते हैं. यह मंदिर तांत्रिक शिक्षा और साधना के केंद्र के रूप में भी जाना जाता है.

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जबलपुर में कैलाश धाम उन स्थानों में से एक है. यह मंदिर जंगल के बीच काफी ऊंचाइयों पर बना हुआ है. यहां भोलेनाथ सफेद पिंडी के रूप में विराजमान है, जहां प्रकृति का भी शानदार नजारा भी देखने को मिलता है. यह मंदिर जबलपुर के खमरिया स्थित मटामर में स्थित है, जहां श्रद्धालु नए साल के अवसर में पहुंचने लगे है.

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जबलपुर की गन कैरिज फैक्ट्री मतलब जीसीएफ फैक्ट्री की, जिसका इतिहास ब्रिटिश काल से जुड़ा हुआ है. काफी रोचक भी है. फैक्ट्री के बाहर हरियाली के बीच और पहाड़ी में पाट बाबा का मंदिर बना हुआ है.

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जीसीएफ फैक्ट्री के नजदीक स्थित पाट बाबा मंदिर में हनुमान जी की दिव्य प्रतिमा के अलावा पाटेश्वर महादेव का मंदिर है, जहां पर श्रद्धालु का जनसैलाब उमड़ रहा है.

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