सरफराज को तीनों फॉर्मेट खेलना चाहिए.. पूर्व कप्तान ने सेलेक्शन पर उठाए सवाल, बयान से खलबली

सरफराज को तीनों फॉर्मेट खेलना चाहिए.. पूर्व कप्तान ने सेलेक्शन पर उठाए सवाल, बयान से खलबली


टीम इंडिया के बल्लेबाज सरफराज खान इन दिनों प्रचंड फॉर्म में हैं. शानदार आंकड़ों के बाद भी उन्हें 2025 में चुनिंदा मौके ही मिले. कई क्रिकेट पंडितों ने उनके सेलेक्शन पर सवाल खड़े किए और अब पूर्व भारतीय कप्तान दिलीप वेंगसरकर भी इस लिस्ट में शामिल हो चुके हैं. उन्होंने सरफराज को मौका न देने पर सेलेक्शन कमेटी पर ही निशाना साध दिया है. सरफराज ने टीम इंडिया के लिए टेस्ट में ही डेब्यू किया है, लेकिन उन्होंने सरफराज को तीनों फॉर्मेट का प्लेयर बताया.

विजय हजारे और SMAT में बरसे सरफराज

वेंगसरकर का मानना ​​है कि सरफराज खान भारत के लिए तीनों फॉर्मेट खेल सकते हैं. सरफराज मौजूदा घरेलू सीजन में शानदार फॉर्म में हैं, उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी दोनों में खूब रन पीटे हैं. उन्होंने हाल ही में गोवा के खिलाफ 56 गेंदों में शतक जड़ा, जिसमें नौ चौके और 14 छक्के शामिल थे. दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 75 गेंदों में 157 रनों की शानदार पारी खेली और टीम को जीत दिलाई.

Add Zee News as a Preferred Source


क्या बोले वेंगसरकर?

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में वेंगसरकर ने कहा, ‘आप जानते हैं, बात यह है कि मेरे लिए यह सच में हैरान करने वाली बात है कि उन्हें भारत के लिए किसी भी फॉर्मेट में क्यों नहीं चुना जा रहा है. उन्होंने लगातार इतना अच्छा प्रदर्शन किया है, यहां तक ​​कि भारत के लिए भी जब उन्हें मौका मिला. मैंने उन्हें और (देवदत्त) पडिक्कल को धर्मशाला में इंग्लैंड के खिलाफ एक साथ बल्लेबाजी करते देखा था. वह एक महत्वपूर्ण सेशन था. उन्होंने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की और एक महत्वपूर्ण साझेदारी की, जिसने आखिरकार भारत को टेस्ट मैच जीतने में मदद की.’

ये भी पढे़ं.. वैभव-म्हात्रे ही नहीं.. 2026 में चमक सकते हैं भारत के ये सितारे, पिछले साल खूब कमाया नाम

BGT में शामिल थे सरफराज खान

उन्होंने कहा, ‘इंग्लैंड के खिलाफ उस घरेलू सीरीज के बाद, उन्हें टेस्ट खेलने का दूसरा मौका नहीं मिला. बेशक, वह 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के लिए ऑस्ट्रेलिया दौरे पर थे, लेकिन उन्हें बिल्कुल भी खिलाया नहीं गया. यह मुझे सच में हैरान करता है क्योंकि वह खेल के सभी फॉर्मेट में खेलने के लिए काफी अच्छे खिलाड़ी हैं. ऐसी प्रतिभा को नजरअंदाज़ और उपेक्षित किया गया है। यह सच में शर्म की बात है.’



Source link