दूषित पानी से हुई संतोष बिगोनिया की मौत, परिवार बोला- मुआवजा तो दूर कोई…

दूषित पानी से हुई संतोष बिगोनिया की मौत, परिवार बोला- मुआवजा तो दूर कोई…


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Indore News: आरती बिगोनिया ने लोकल 18 को बताया कि उनके ससुर संतोष बिगोनिया की 25 दिसंबर को अचानक तबीयत खराब हो गई. उन्हें चक्कर आ रहे थे और लगातार उल्टी-दस्त भी हो रहे थे. उन्हें लगा कि सामान्य बीमारी है लेकिन जब दर्द बढ़ गया, तो वे डॉक्टर के पास पहुंचे लेकिन राहत नहीं मिली.

इंदौर. मध्य प्रदेश के इंदौर के भागीरथपुरा में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है. दूषित पानी की वजह से हुए इस भयावह हादसे ने कई परिवारों को तोड़ दिया है. प्रशासन एक तरफ जहां मृतकों के परिवारों को दो लाख रुपये का मुआवजा देने की बात कह रहा है, तो वहीं हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में दूषित पानी से मात्र चार लोगों की मौत का जिक्र किया गया है. ‌इसके बाद जनता में आक्रोश और भी बढ़ गया है.‌ 28 दिसंबर को संतोष बिगोनिया की मौत हुई थी. मीडिया रिपोर्ट्स से लेकर तमाम जगह दूषित पानी की वजह से उनकी मौत होना बताया गया है लेकिन अब तक उनके परिवार की किसी ने सुध नहीं ली है. न ही प्रशासन की ओर से कोई अधिकारी पीड़ित परिवार तक पहुंचा है. बहू आरती बिगोनिया और बेटा पिछले तीन दिनों से पानी की टंकी पर बने कार्यालय पर चक्कर काट रहे हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है.

आरती बिगोनिया ने लोकल 18 को बताया कि उनके ससुर की 25 दिसंबर को अचानक तबीयत खराब हुई थी. उन्हें लगातार उल्टी-दस्त हो रहे थे और चक्कर आ रहे थे. उन्हें लगा कि सामान्य बीमारी है लेकिन जब दर्द धीरे-धीरे बढ़ता गया, तो उन्होंने डॉक्टर को दिखाया लेकिन राहत नहीं मिली. बाद में जब तबीयत ज्यादा बिगड़ी तो डॉक्टर ने बड़े अस्पताल जाने को कहा लेकिन माली हालत खराब होने से वे अस्पताल नहीं जा सके और 28 तारीख को उनके ससुर ने दम तोड़ दिया.‌

हमें भी मिले मुआवजा: आरती बिगोनिया
उन्होंने आगे कहा कि हालात को देखते हुए पूरा प्रशासनिक अमला भागीरथपुरा में है लेकिन दरगाह वाली कॉलोनी स्थित उनके घर पर अभी तक कोई नहीं आया है. आरती का कहना है कि पिछले 15 दिनों से बदबूदार पानी आ रहा था लेकिन उनके पास इसे पीने के अलावा कोई चारा नहीं था. उन्हें भी इसकी वजह से उल्टी-दस्त और चक्कर आ रहे हैं. उनके ससुर गार्ड की नौकरी करते थे, जिससे घर खर्च में सहायता मिलती थी. अब वह भी नहीं हैं. उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जो सहायता राशि अन्य पीड़ित परिवारों को दी जा रही है, वह उन्हें भी मिलनी चाहिए.‌

कमिश्नर और अपर आयुक्त का ट्रांसफर
बताते चलें कि 1 जनवरी को राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट में सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट में केवल चार मौतों का जिक्र है जबकि आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है.‌ वहीं इस मामले में सरकार ने नगर निगम कमिश्नर दिलीप यादव और अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया का ट्रांसफर कर दिया है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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