मंदसौर अंचल में कड़ाके की ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार रात मल्हारगढ़ में तेज बारिश हुई, जबकि शुक्रवार सुबह 10 बजे तक मंदसौर शहर में धूप नहीं निकली। तापमान में लगातार गिरावट के कारण ठिठुरन बढ़ गई है और लोग अलाव का सहारा लेते नजर आए।
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मल्हारगढ़ क्षेत्र में गुरुवार रात करीब 10 बजे लगभग 10 मिनट तक तेज बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद ठंड और ज्यादा बढ़ गई। वहीं मंदसौर शहर में शुक्रवार सुबह हल्का कोहरा छाया रहा और ओस की मोटी परत दिखाई दी। सुबह का तापमान करीब 14 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
मल्हारगढ़ में गुरुवार रात 10 मिनट बारिश हुई।
अलाव जलाने को मजबूर लोग
भीषण ठंड के चलते सुबह-सुबह लोग सड़कों और चौराहों पर अलाव तापते नजर आए। ठंडी हवा और धूप नहीं निकलने से दिनभर ठंड का असर बना रहा।
फिलहाल प्रदेश में ठंड का सबसे ज्यादा असर मालवा और निमाड़ अंचल में देखा जा रहा है। इंदौर और उज्जैन संभाग के कुल 15 जिलों में शीतलहर और कोल्ड डे जैसे हालात बने हुए हैं।

ठंड से राहत के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे है।
पहाड़ों की बर्फबारी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस वजह
मौसम विभाग के अनुसार, पहाड़ी राज्यों में हो रही बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) की सक्रियता के कारण मध्यप्रदेश में ठंड बढ़ी है। सुबह के समय घना कोहरा, ठंडी हवाएं और दिन में धूप की कमी से ठिठुरन ज्यादा महसूस हो रही है।
जेट स्ट्रीम ने बढ़ाई सर्दी
मौसम विभाग ने बताया कि बुधवार को जेट स्ट्रीम की रफ्तार 278 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच गई थी, जबकि गुरुवार को भी यह तेज गति से सक्रिय रही। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, जमीन से करीब 12.6 किलोमीटर ऊंचाई पर बहने वाली यह तेज हवा इस बार 285 किमी प्रति घंटा तक पहुंच गई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से ठंडी हवा, पहाड़ों से बर्फीली हवा और वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक साथ सक्रिय होते हैं, तो ठंड ज्यादा बढ़ जाती है। इस बार इनके साथ जेट स्ट्रीम भी सक्रिय है, जिससे सर्दी का असर दोगुना महसूस किया जा रहा है।
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