हरदा शहर के लगभग 10 वार्डों में पेयजल पाइपलाइनें सालों से नालियों के बीच से गुजर रही हैं। इससे शहर की आधी आबादी दूषित पानी पीने को मजबूर है। यह स्थिति तब सामने आई है जब देश के स्वच्छ शहरों में शुमार इंदौर के भगीरथपुरा में दूषित पानी से 14 लोगों की मौ
.
दैनिक भास्कर डिजिटल की पड़ताल में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि शहर के 35 वार्डों में से करीब 10 वार्डों में पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइनें सीधे नालियों से होकर गुजरती हैं। पूर्व और वर्तमान परिषदों ने इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दिया है, जिससे हजारों लोग दूषित पानी पीने को विवश हैं।
पाइपलाइन नालियों से हटाने की मांग खेड़ीपुरा मोहल्ले की महिलाओं ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए प्रशासन से तत्काल पाइपलाइनों को नालियों से हटाने की मांग की है। उन्होंने चिंता जताई कि यदि इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो हरदा में भी इंदौर जैसी कोई अप्रिय घटना घट सकती है। महिलाओं ने बताया कि इस संबंध में पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
खेड़ीपुरा में एक दृश्य चौंकाने वाला था, जहां एक महिला ने नाली में पड़े खुले पाइप को उठाकर दूसरे पाइप से पानी भरा। मानपुरा, मिडिल स्कूल के सामने और इमलीपुरा सहित कई अन्य इलाकों में भी पेयजल पाइपलाइनें नालियों से गुजर रही हैं। शहरवासियों ने एक स्वर में इन पाइपलाइनों को नालियों से हटाने की मांग की है।
नगर पालिका सीएमओ कमलेश पाटीदार ने बताया कि शहर के पुराने इलाकों के 10 वार्डों में पेयजल पाइपलाइनें नालियों से होकर गुजर रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस समस्या के समाधान के लिए 45 लाख रुपए का टेंडर प्रस्तावित किया गया है और जल्द ही इन पाइपलाइनों को हटाया जाएगा।
देखिए तस्वीरें…





