उज्जैन रेलवे स्टेशन पर 2 जनवरी 2026 की रात एक महिला यात्री चलती ट्रेन में चढ़ते समय असंतुलित होकर प्लेटफॉर्म और कोच के बीच गिर गईं। मौके पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के हेड कांस्टेबल की तत्परता से महिला की जान बच गई। यह घटना रात 8.25 बजे प्लेटफ
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जानकारी के अनुसार, 48 वर्षीय संजना यादव, पति राजेश यादव, निवासी नंदी चौराहा, हनुमान मंदिर के सामने, सीहोर, अपने परिवार के साथ सीहोर से नीमच की यात्रा कर रही थीं। वह ट्रेन के एम-2 कोच में सवार थीं। उज्जैन स्टेशन पर ट्रेन के ठहराव के दौरान संजना यादव खाने-पीने का सामान लेने के लिए प्लेटफॉर्म पर उतरी थीं।
ट्रेन के रवाना होने के समय जब वह वापस कोच में चढ़ने का प्रयास कर रही थीं, तभी उनका संतुलन बिगड़ गया। वह कोच और प्लेटफॉर्म के बीच फंसकर गिर पड़ीं, जिससे गंभीर दुर्घटना की आशंका थी।

इसी दौरान, ट्रेन में एस्कॉर्ट ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ हेड कांस्टेबल रामाश्रे पाल ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया। उन्होंने बिना समय गंवाए साहस दिखाते हुए तत्परता से प्लेटफॉर्म और कोच के बीच फंसी महिला को खींचकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उनकी सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से महिला की जान बच सकी।
घटना के बाद, महिला यात्री अपने एक परिचित के साथ रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट उज्जैन पहुंचीं। उन्हें शरीर पर मामूली चोटें आई थीं, जिनका उपचार उनकी सहमति से परिजनों के साथ करवाया गया। ट्रेन छूटने के बाद वे बस से नीमच के लिए रवाना हो गईं।
रेलवे प्रशासन और सुरक्षा बल द्वारा हेड कांस्टेबल रामाश्रे पाल के इस सराहनीय और साहसिक कार्य की प्रशंसा की जा रही है। उनकी सतर्कता और कर्तव्यनिष्ठा ने एक यात्री की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
