एमपी में अब किन्नर बन सकेंगे आरक्षक, सब इंस्पेक्टर: गृह विभाग ने किया मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती नियमों में संशोधन, राजपत्र में अधिसूचना जारी – Bhopal News

एमपी में अब किन्नर बन सकेंगे आरक्षक, सब इंस्पेक्टर:  गृह विभाग ने किया मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती नियमों में संशोधन, राजपत्र में अधिसूचना जारी – Bhopal News



मध्य प्रदेश में अब आरक्षक और सब इंस्पेक्टर की भर्ती में किन्नर भी शामिल हो सकेंगे। किन्नर महिला है या पुरुष है, इसका प्रमाण पत्र मेडिकल बोर्ड जारी नहीं करेगा बल्कि यह प्रमाण पत्र कलेक्टर जारी करेंगे। महिला किन्नर या पुरुष किन्नर के आधार पर उसे सिलेक्

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शासन ने पुलिस भर्ती से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। इसके लिए गृह विभाग ने अधिसूचना कर दी है और यह प्रभावशील भी हो गई है। इसमें कहा है कि मध्यप्रदेश पुलिस कार्यपालिक (अराजपत्रित) सेवा भर्ती नियम 1997 में आवश्यक संशोधन किए गए हैं।

नोटिफिकेशन के अनुसार अब ऐसे उम्मीदवार जो जन्म के समय तय लिंग से भिन्न लिंग की पहचान रखते हैं या जिन्होंने लिंग परिवर्तन या उससे संबंधित चिकित्सकीय प्रक्रिया कराई है, उन्हें नियमों में आईडेंटिफाई किया गया है।

नोटिफिकेशन में भर्ती प्रक्रिया के दौरान शारीरिक मापदंडों और परीक्षणों से संबंधित प्रावधानों में भी संशोधन किया गया है। ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के लिए शारीरिक योग्यता एवं मापदंडों का निर्धारण प्रमाण-पत्रों के आधार पर किया जाएगा।

राज्य शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि उम्मीदवारों की पात्रता, शारीरिक मानक और चयन प्रक्रिया संबंधित विभागीय दिशा-निर्देशों एवं शासन के पहले से प्रभावी नियमों के अनुरूप ही तय की जाएगी।

30 दिसंबर 2025 को जारी अधिसूचना के साथ ही संशोधित नियम प्रभावशील हो गए हैं।

ओबीसी कैटेगरी में माने जाएंगे ट्रांसजेंडर जिन किन्नरों को पुलिस भर्ती में शामिल होने का मौका मिलेगा उनके लिए नियमों में एक और बदलाव किया गया है। इसमें कहा है कि पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 17 अप्रेल 2023 के आदेश के अनुसार उभयलिंगी (किन्नर) व्यक्ति को पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) कैटेगरी में शामिल किया गया है। इसके चलते ये अब ओबीसी वर्ग के उम्मीदवार माने जाएंगे।

मेडिकल बोर्ड नहीं कलेक्टर जारी करेंगे प्रमाण पत्र गृह विभाग के नोटिफिकेशन में कहा है कि ऐसे लोगों के लिए कलेक्टर द्वारा जारी पहचान प्रमाण के आधार पर उनके महिला या पुरुष किन्नर के रूप में उन्हें चुना जाएगा। कलेक्टर मेडिकल बोर्ड से यह सर्टिफिकेट लेंगे कि किन्नर महिला या पुरुष है, इसके बाद वे पहचान पत्र जारी करेंगे। इसी के आधार पर भर्ती के दौरान किन्नर की महिला या पुरुष ट्रांसजेंडर में गणना की जाएगी।



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