Last Updated:
Bhopal News: भोपाल JP अस्पताल में फफूंद लगी दवा देने का दावा एक मरीज ने किया है. मरीज ने CMHO को ईमेल के जरिए शिकायत की है. आरोप है कि सीनियर डॉक्टर नहीं मिलने पर इंटर्न डॉक्टर ने दवा लिखी. मामले की जांच की जा रही है.
रिपोर्ट: रमाकांत दुबे
Bhopal News: जय प्रकाश (JP) जिला अस्पताल में दवाओं की गुणवत्ता पर एक और सवाल खड़ा हो गया है. शुक्रवार शाम (2 जनवरी) को ओपीडी में हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाने पहुंचे एक मरीज को पैर में फ्रैक्चर की आशंका जताते हुए डॉक्टर ने एक्स-रे और दर्द निवारक दवा डिक्लोफेनाक 50 एमजी लिखी. लेकिन, अस्पताल फार्मेसी से ली गई स्ट्रिप में फफूंद लगी हुई थी, जिसकी एक्सपायरी डेट जून 2027 बताई गई. मरीज ने तुरंत CMHO डॉ. मनीष शर्मा को ईमेल कर शिकायत दर्ज की.
मरीज ने बताया, “अगर दर्द में मैं जल्दबाजी में दवा खा लेता तो जान पर बन सकती थी. फफूंद साफ दिख रही थी, जो नमी या खराब स्टोरेज का संकेत है.” घटना उस समय घटी जब ओपीडी में सीनियर डॉक्टर अनुपस्थित थे. इंटर्न डॉक्टर ने ही प्रारंभिक परीक्षण कर दवा सुझाई, जिसकी फार्मेसी से डिलीवरी हुई. अस्पताल प्रशासन ने मामले को संज्ञान में ले लिया है, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया. CMHO ने ईमेल प्राप्त होने की पुष्टि की, लेकिन जांच पूरी होने तक चुप्पी साधे हैं.
पीड़ित मरीज के अनुसार, पैर में चोट लगने के बाद वे इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचे थे. हड्डी रोग विभाग में गए तो वहां उस कोई सीनियर डॉक्टर नहीं था. इंतजार के बावजूद जब वरिष्ठ चिकित्सक नहीं मिले, तो इंटर्न डॉक्टरों ने उनका परीक्षण किया. दर्द की दवा लिख दी. इंटर्न डॉक्टरों द्वारा लिखी गई पर्ची के आधार पर अस्पताल परिसर में स्थित फार्मेसी से दवा ली. मरीज के अनुसार, जब वे घर पहुंचे और दवा को ध्यान से देखा, तो उन्हें फफूंद (फंगस) जमी दिखी. मरीज का कहना है कि यदि वह जल्दबाजी में या दर्द के कारण तुरंत दवा खा लेता, तो सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता था.
खराब दवा से हुई थी 19 बच्चों की मौत
यह घटना मध्य प्रदेश में दवाओं की सप्लाई चेन पर गंभीर सवाल उठाती है. सरकारी दावों की आपूर्ति और गुणवत्ता की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMSCL) या स्वास्थ्य लोक निगम की है, जो दवाओं का स्टोरेज और वितरण संभालता है. हाल ही में छिंदवाड़ा के कोल्ड्रिफ सिरप कांड में 19 बच्चों की मौत के बाद दवाओं की जांच पर जोर दिया गया था, लेकिन ऐसी लापरवाही जारी है.
About the Author
एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें