मोरवानी वाटर प्लांट पर रजिस्टर चेक करते कलेक्टर मिशा सिंह।
इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद रतलाम प्रशासन अलर्ट हो गया है। शुक्रवार को कलेक्टर मिशा सिंह ने मोरवानी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का औचक निरीक्षण किया। यहां ड्यूटी लिस्ट के हिसाब से कर्मचारी गायब थे और लैब में जांच का सामान भी नहीं
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निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि यह प्लांट 1980 में बना था। कलेक्टर ने देखा कि वाटर फिल्टर प्लांट के रजिस्टर में ड्यूटी लिस्ट के अनुसार कर्मचारी उपस्थित नहीं थे। लैब टेक्नीशियन के पास जरूरी सामग्री नहीं थी और प्लांट की सफाई का रजिस्टर भी मेंटेन नहीं था। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्लांट में जहां भी मरम्मत की जरूरत है, उसका टेंडर कराया जाए।
कलेक्टर ने वाटर सेंपल लैब में भी जानकारी ली।
24 घंटे में आएगी बैक्टीरियल रिपोर्ट कलेक्टर ने मौके पर ही पानी का सैंपल लेकर जांच कराई। टेक्नीशियन ने बताया कि यहां पानी में टर्बिडिटी, क्लोराइड, कंडक्टिविटी, हार्डनेस, पीएच और ई-कोलाई आदि की जांच सुविधा है। बैक्टीरियल जांच की रिपोर्ट आने में 24 घंटे लगते हैं। कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने और एसडीएम को रैंडम आधार पर पानी की जांच रिपोर्ट लेते रहने के निर्देश दिए। साथ ही वार्डों से भी नियमित सैंपल लेने को कहा।
शहर में टीम बनाकर सर्वे करें, लीकेज ढूंढें कलेक्टर ने निगम कमिश्नर अनिल भाना को निर्देश दिए कि शहर में टीम गठित कर सर्वे कराया जाए। सर्वे में नालियों और सीवरेज में लीकेज के साथ-साथ कंस्ट्रक्शन साइट्स को भी चिह्नित करें, ताकि पानी में गंदगी मिलने की गुंजाइश न रहे। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्ययोजना बनाएं कि शिकायत का मौका न मिले।

कलेक्टर मिशा सिंह से चांदनीचौक क्षेत्र में सराफा व्यापारी समस्या बताते हुए।
चांदनी चौक पहुंचकर व्यापारियों की समस्याएं सुनीं मोरवानी प्लांट के बाद कलेक्टर शहर के चांदनी चौक इलाके में पहुंचीं। यहां सराफा व्यापारियों ने उन्हें समस्याएं बताईं। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि करमदी रोड, चांदनी चौक और जिन वार्डों से गंदे पानी की शिकायत मिल रही है, वहां चल रहे पाइप लाइन सुधार और टेस्टिंग के काम का जाकर मुआयना करें।
इन अधिकारियों को मिला नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब निरीक्षण में मिली खामियों पर कमिश्नर अनिल भाना ने जल प्रदाय विभाग के कार्यपालन यंत्री (EE) राहुल जाखड़, सहायक यंत्री (AE) सुहास पंडित, सब इंजीनियर भैयालाल चौधरी, उपयंत्री ब्रजेश कुशवाह और अनुपम मिश्रा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। सभी से तीन दिन में जवाब मांगा गया है। समय सीमा में जवाब नहीं देने पर एकतरफा कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।