नरसिंहपुर जिले के करेली वन परिक्षेत्र के ग्वारीकला गांव में तेंदुए के शिकार का मामला सामने आया है। इस घटना में वन विभाग ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।
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मामले में तेंदुए का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसने वन विभाग की गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है।
जिंदा तेंदुए का वीडियो आया सामने, वन विभाग पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा रहे वीडियो में तेंदुआ जीवित अवस्था में क्लच वायर के फंदे में फंसा हुआ छटपटाता दिख रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल उठ रहे हैं कि यदि वन विभाग की निगरानी मजबूत होती और समय रहते सूचना मिल जाती, तो शायद तेंदुए को बचाया जा सकता था।
आरोपियों के घर से जाल और क्लच वायर बरामद
वन विभाग ने डॉग स्क्वायड की मदद से खापा गांव में छापेमारी की। इस दौरान आरोपियों के घरों से जंगली सूअर फंसाने वाला जाला और बड़ी मात्रा में क्लच वायर बरामद किया गया।
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में कुबूल किया कि उन्होंने 1 जनवरी की रात प्लांटेशन क्षेत्र में फंदा लगाया था। 2 जनवरी की रात इसमें तेंदुआ फंस गया और 3 जनवरी की सुबह उसकी मौत हो गई।
हालांकि विभाग यह भी जांच कर रहा है कि क्या शिकारियों ने जानबूझकर तेंदुए को ही निशाना बनाया था।
2 जनवरी की रात इसमें तेंदुआ फंस गया और 3 जनवरी की सुबह उसकी मौत हो गई।
इन आरोपियों पर दर्ज हुआ केस
वन विभाग के एसडीओ सुनील वर्मा ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर रामभवन, भवानी, दुगरप्रसाद, नारायण और मदन ठाकुर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें से मदन ठाकुर फिलहाल फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है।
चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों ने बताया कि वे लंबे समय से इलाके में जंगली सूअरों को पकड़ने के लिए फंदे लगाते आ रहे थे।