माघ मास शुरू, उज्जैन के आचार्य से जानें इसकी महिमा, एक महीना भूलकर न खाएं ये चीज, न करें ये काम

माघ मास शुरू, उज्जैन के आचार्य से जानें इसकी महिमा, एक महीना भूलकर न खाएं ये चीज, न करें ये काम


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Magh Month Starting 2026: हिंदी कैलेंडर का 11वां महीना यानी कि माघ महीना शुरू होने वाला है. माघ का महीना भगवान सूर्य, मां गंगा और भगवान विष्णु की पूजा के लिए सबसे खास महीना होता है. आइए जानते हैं उज्जैन के आचार्य से इस महीने में क्या करें और क्या ना करें.

Magh Maas Upay: अंग्रेजी कैलेंडर की तरह हिंदी कैलेंडर में भी 12 महीने होते हैं. हालांकि, हिंदी महीनों की शुरुआत चैत्र मास से होती है. साल 2026 के जनवरी महीने में हिंदी कैलेंडर के अनुसार माघ का महीना रहेगा. माघ के महीने को स्नान-दान और तप के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. माघ महीने में सूर्य देव, मां गंगा और भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. मान्यता है कि इस महीने में पवित्र नदियों में स्नान करने से पुण्य मिलता है. वहीं, भगवान विष्णु और सूर्य देव की पूजा करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है. मृत्यु के बाद मोक्ष मिलता है. साल 2026 में माघ महीना 4 जनवरी 2026 से शुरू हो रहा है. उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, माघ महीने को लेकर कुछ नियम हैं, जिनका पालन सभी को करना चाहिए.

माघ महीने में स्नान का धार्मिक महत्व
आचार्य आनंद भारद्वाज बताते हैं​ कि पद्म पुराण में महत्व का वर्णन करते हुए लिखा गया कि माघ मास में नदियों में स्नान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं. सभी पापों से मुक्ति प्रदान करके उस जातक पर कृपा बनाए रखते हैं. ऐसी मान्यता है कि माघ मास के दौरान प्रयागराज के संगम में स्नान करते हैं तो आपको अर्थ, धर्म, काम ओर मोक्ष की प्राप्ति होती है. यहां के स्नान का महत्व इस बात से लगा सकते हैं कि जो व्यक्ति यहां पर स्नान कर लेता है, उसे अकाल मृत्यु की आशंका नहीं रहती है. वह इससे मुक्त हो जाता है.

माघ माह में क्या करें?
इस माह में गंगा, त्रिवेणी संगम या अन्य पवित्र नदी में स्नान करें. अगर ऐसा संभव न हो तो घर के ही पात्र में गंगाजल और तिल मिलाकर स्नान कर लें. इसके बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य दें. इस माह में तिल का सेवन और दान करें. साथ ही भगवान तिल अर्पित करें. इस माह तीर्थ यात्रा करें.

माघ माह में क्या न करें?
माघ माह में सूर्योदय के बाद तक न सोएं. इस माह में मूली का सेवन वर्जित है. माघ माह में मांसाहार, शराब और अन्य तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल न करें. किसी को कटु वाणी न बोलें.

माघ महीने के पर्व 
– 04 जनवरी 2026, शनिवार, माघ मास आरंभ.
– 06 जनवरी 2026, मंगलवार, संकष्टी चतुर्थी.
– 14 जनवरी 2026, बुधवार, षटतिला एकादशी, मकर संक्रांति / सूर्य उत्तरायण.
– 16 जनवरी 2026, शुक्रवार, प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि.
– 18 जनवरी 2026, रविवार, माघ अमावस्या.
– 23 जनवरी 2026, शुक्रवार, बसंत पंचमी / सरस्वती पूजा.
– 29 जनवरी 2026, गुरुवार, जया एकादशी.
– 30 जनवरी 2026, शुक्रवार, प्रदोष व्रत.
– 01 फरवरी 2026, रविवार, माघ पूर्णिमा व्रत.

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Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें

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माघ मास शुरू, आचार्य से जानें महिमा, 1 माह भूलकर न खाएं ये चीज, न करें ये काम

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.



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