नई दिल्ली. टोयोटा इनोवा वह गाड़ी थी जिसने भारत में एमपीवी सेगमेंट को परिभाषित किया था. इनोवा और इनोवा क्रिस्टा ने मिलकर बीते दो दशकों से इस सेगमेंट पर राज किया है, लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि यह एमपीवी अपने लाइफ साइकल के अंत की ओर बढ़ रही है. ऑटोकार की रिपोर्ट के मुताबिक, टोयोटा मार्च 2027 तक इनोवा क्रिस्टा एमपीवी को बाजार से बंद करने की तैयारी कर रही है.
क्यों बंद होगी इनोवा क्रिस्टा?
क्यों? इनोवा क्रिस्टा आज भी उन खरीदारों के बीच काफी लोकप्रिय है, जो एक समझदारी भरी, बिना झंझट वाली प्रीमियम एमपीवी चाहते हैं, जो भरोसेमंद हो. हालांकि, आने वाले सख्त CAFE 3 नियमों की वजह से क्रिस्टा को बंद किया जा रहा है. टोयोटा ने पहले ही इन नए नियमों के लिए रणनीति बना ली है और पेट्रोल हाइब्रिड्स को अपना रास्ता चुना है. आने वाले MENAX में टोयोटा की लाइनअप में और भी हाइब्रिड प्रोडक्ट्स देखने को मिलेंगे. इनोवा हाईक्रॉस इसका एक उदाहरण है.
हाइब्रिड पोर्टफोलियो
हाइब्रिड पोर्टफोलियो से टोयोटा को सुपर क्रेडिट्स मिलेंगे, जो किसी भी कार निर्माता के लिए फायदेमंद हैं, खासकर जब वह CAFE 3 नियमों को पूरा करने का लक्ष्य रखता है. हर मजबूत हाइब्रिड वाहन को CAFE कैलकुलेशन में दो वाहनों के बराबर गिना जाता है, जिससे कंपनी के लिए अपने फ्लीट के CO₂ टारगेट्स को पूरा करना आसान हो जाता है. फिलहाल, टोयोटा की हर इनोवा हाईक्रॉस हाइब्रिड की बिक्री कंपनी के कॉर्पोरेट एवरेज फ्यूल कंजम्पशन को डीजल एसयूवी और एमपीवी की तुलना में दोगुना कम कर रही है.
फॉर्च्युनर का क्या होगा?
अगर अन्य मॉडलों से तुलना करें तो इनोवा क्रिस्टा जैसी डीजल एमपीवी फ्यूल कंजम्पशन बढ़ाने में योगदान देती है, और यही वजह है कि टोयोटा ने क्रिस्टा को बंद करने का फैसला लिया है. आगे क्या? जैसा कि ऊपर बताया गया, टोयोटा अब CAFE नियमों के तहत पेट्रोल हाइब्रिड्स पर ज्यादा फोकस करेगी. अभी यह साफ नहीं है कि टोयोटा अपने सभी मॉडलों, जैसे फॉर्च्यूनर, से डीजल इंजन पूरी तरह बंद करेगी या नहीं. हालांकि बाजार में इनोवा हाईक्रॉस मौजूद है, लेकिन ऐसा लगता है कि यह इनोवा क्रिस्टा के जाने से जो खालीपन आएगा, उसे पूरी तरह भर नहीं पाएगी. आपको याद होगा कि टोयोटा ने 2025 में इनोवा क्रिस्टा को बाजार से हटा दिया था.
इनोवा हाईक्रॉस
यह फैसला इनोवा हाईक्रॉस की लॉन्चिंग के समय लिया गया था. लेकिन जब हाईक्रॉस लॉन्च हुई, तो टोयोटा को सेमीकंडक्टर की कमी जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ा. जब कंपनी ने देखा कि इनोवा हाईक्रॉस की वेटिंग लंबी है और इनोवा क्रिस्टा या डीजल एमपीवी की मांग अब भी बनी हुई है, तो टोयोटा ने क्रिस्टा को फिर से बाजार में उतारने का फैसला किया.
क्रिस्टा की दौबारा लॉन्चिंग
हालांकि, पुराने वर्जन की तुलना में, दोबारा लॉन्च की गई क्रिस्टा सिर्फ डीजल इंजन और मैन्युअल गियरबॉक्स के साथ आई थी. इसमें 2.4-लीटर टर्बो-डीजल इंजन दिया गया था, जो मौजूदा एमिशन नॉर्म्स के मुताबिक था. ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन जानबूझकर नहीं दिया गया, क्योंकि कंपनी जानती थी कि इससे इनोवा हाईक्रॉस की बिक्री पर असर पड़ेगा. कुल मिलाकर, टोयोटा के पास इनोवा क्रिस्टा का कोई सही ऑप्शन नहीं है और अब देखना होगा कि महिंद्रा, टाटा या फिर हुंडई जैसी कंपनियां इस सेगमेंट में कोई नई एमपीवी लाती हैं या नहीं, ताकि ग्राहकों की जरूरतें पूरी हो सकें.